सरायपाली

तोषगांव राशन दुकान में बड़ा घोटाला! बिना चावल दिए लगवाए अंगूठे, गरीबों का हक कागजों में बांटा

राशन दुकान पर सवाल: चावल गायब, मशीन में लग गए अंगूठे

देशराज दास सरायपाली/बसना : गरीबों को मुफ्त और सस्ते दर पर राशन उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन किया जाता है, ताकि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे। लेकिन जब इन दुकानों के संचालक ही गरीबों के हक पर डाका डालने लगें तो व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक गंभीर मामला सरायपाली विकासखंड के ग्राम तोषगांव से सामने आया है, जहां फरवरी 2026 माह का चावल सहित अन्य खाद्यान्न अभी तक हितग्राहियों को वितरित नहीं किया गया है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों से ई-पॉस मशीन में थम्ब इंप्रेशन पहले ही ले लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, फरवरी माह का राशन दिए बिना ही कई हितग्राहियों से अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन आज तक चावल का वितरण नहीं हुआ। वहीं करीब 130 हितग्राहियों का फरवरी माह का थम्ब इंप्रेशन भी नहीं लिया गया, जिससे वे राशन से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन-चार महीनों से नमक और शक्कर का वितरण भी नहीं किया जा रहा, जिससे गरीब परिवारों की स्थिति और भी खराब हो गई है।

चावल नहीं मिला, भूखे रहने की नौबत
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले राशन कार्डधारी जनों, उमकांती, अम्बिका, गहल, सरस्वती, अहिल्या, सरिता, पदमा, सरस्वती दास, रोशनी, यशोदा दास सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि उनका पूरा परिवार सरकारी राशन के चावल पर ही निर्भर है। लेकिन जब समय पर राशन नहीं मिलता तो उन्हें बाजार से महंगे दाम पर चावल खरीदना पड़ता है। कई ऐसे परिवार भी हैं जिनके पास चावल खरीदने के पैसे नहीं हैं और उनके सामने भूखे रहने की नौबत आ गई है।

महीने के आखिरी दिनों में बांटा जाता है राशन
ग्रामीणों का कहना है कि जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह लमकेनी द्वारा संचालित सहकारी उचित मूल्य की दुकान तोषगांव में अक्सर महीने के आखिरी दिनों में राशन वितरण किया जाता है। ऐसे में कई हितग्राही समय पर पहुंच नहीं पाते और उनका थम्ब इंप्रेशन नहीं हो पाता, जिससे वे हर महीने राशन से वंचित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत में भी शिकायत किया गया सरपंच मोहित रौतिया द्वारा आश्वस्त किया गया है।

बिना राशन दिए ही लगवा लिए अंगूठे
सबसे गंभीर आरोप यह है कि फरवरी 2026 का चावल दिए बिना ही कई लोगों से ई-पॉस मशीन में थम्ब इंप्रेशन करा लिया गया। इसका मतलब है कि रिकॉर्ड में राशन वितरण दिखाया जा सकता है, जबकि वास्तविकता में हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिला है। इस तरह की शिकायत सामने आने से पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

संचालकों ने दी सफाई
इस मामले में जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह लमकेनी की अध्यक्ष पदमिनी जगत और सचिव पुष्पा सिदार का कहना है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। उनका कहना है कि शासन द्वारा खाद्यान्न अक्सर महीने के आखिरी दिनों में भेजा जाता है। फरवरी माह का चावल भी 28 तारीख को आया, जिसके बाद रात 10 बजे तक थम्ब इंप्रेशन कराया गया। वहीं नमक और शक्कर के संबंध में उनका कहना है कि यह सामग्री ऊपर से भेजी ही नहीं जा रही है।

निगरानी तंत्र की लापरवाही उजागर
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय, प्राथमिकता, निःशक्तजन, एकल निराश्रित और एपीएल श्रेणी के राशन कार्डधारियों को निर्धारित समय में चावल सहित अन्य खाद्यान्न उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों में संचालक, निगरानी समिति, नोडल अधिकारी और खाद्य निरीक्षक की व्यवस्था की गई है। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विकासखंड स्तर पर सभी उचित मूल्य दुकानों की जांच और भौतिक सत्यापन कराया जाए तो ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कब तक कार्रवाई करता है या गरीबों के हिस्से का राशन यूं ही कागजों में बंटता रहेगा।

मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। तोषगांव में चावल सहित अन्य खाद्यान्न देर से भेजा गया, जिसके कारण इस प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति बनी। इस संबंध में हमारे द्वारा उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है। हितग्राहियों को उनका खाद्यान्न जल्द ही वितरित किया जाएगा।
हरीश सोनेश्वरी एएफओ सरायपाली

Back to top button