एकलव्य विद्यालय में नियम विरूद्ध भर्ती पर रोक

हरिमोहन तिवारी रायपुर। भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत पोषित और छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय व आश्रम संस्थान समिति रायपुर द्वारा जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से वर्ष 2020-21 में प्रदेश के 71 आदर्श आवासीय एकलव्य विद्यालय में शिक्षक संवर्ग व गैर शिक्षकीय संवर्ग के 1077 पदों की भर्ती रोस्टर का पालन किये बगैर एकल पदीय प्रणाली से भर्ती किया जा रहा था, जिससे सभी पद अनारक्षित हो गए थेl जिसका लाभ अन्य वर्गों को नहीं मिल पा रहा था। उक्त भर्ती में एसटी को 345, एससी को 140, ओबीसी को 172, आर्थिक वर्ग के कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 108 पदों नुकसान हो रहा था।
इस संबंध में छग अनु.जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के जिलाध्यक्ष आसकरण सिंह धुर्वे ने बताया कि एकलव्य विद्यालय में नियम विरूद्ध भर्ती प्रक्रिया पर शासन-प्रशासन का ध्यानाकृष्ट कराते हुए 02 अक्टूबर को प्रदेश के सभी विकासखंड मुख्यालयों में सत्याग्रह आन्दोलन कर ज्ञापन सौंपा गया था।
वहीं 26 नवंबर संविधान दिवस के दिन प्रदेश मुख्यालय में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होने पर विगत दिवस प्रांताध्यक्ष आरएन धु्रव व प्रांतीय पदाधिकारियों ने केन्द्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार को उक्त नियम विरूद्ध भर्ती पर रोक लगाने की मांग की गई जिस पर राज्यमंत्री रेणुका सिंह द्वारा नियम विरूद्ध किये जा रहे भर्ती को गलत मानते हुए तत्काल रोक लगाने व रोस्टर नियमों का पालन करते हुए भर्ती किये जाने की अनुशंसा करते हुए शासन-प्रशासन को लेख किए है। इसके बाद भर्ती पर रोक लगा दी गई है। नियम विरूद्ध भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने से छग अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के पदाधिकारियों ने राज्यमंत्री रेणुका सिंह के प्रति आभार माना है।