महासमुंद

महासमुंद: धान खरीदी से पहले सीमावर्ती इलाके में सक्रिय हुए धान दलाल! ओडिशा से 85 कट्टा धान लदा 407 वाहन जब्त

समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने से पहले ही दूसरे राज्य से धान की आवक, टूहलु में कार्रवाई से मचा हड़कंप; सीमावर्ती क्षेत्रों में दलालों के नेटवर्क पर उठे सवाल?

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़, महासमुंद। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार इस खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। लेकिन खरीदी शुरू होने से पहले ही सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्य से धान लाकर खपाने की कोशिशों के मामले सामने आने लगे हैं। महासमुंद जिले के टूहलु क्षेत्र में ओडिशा से आ रहे 85 कट्टा धान से लदे 407 वाहन को पकड़े जाने के बाद धान के अवैध परिवहन और संभावित बिचौलिया नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, सचेतक से मिली सूचना के आधार पर टूहलु चौकी और जांच नाका टीम ने ओडिशा की ओर से आ रहे 407 वाहन क्रमांक CG 04 LJ 4552 को रोककर जांच की। वाहन में 85 कट्टा धान लदा हुआ था। जब्त धान ओडिशा के ग्राम दलदली, थाना लखना, जिला नुआपाड़ा निवासी उमेश कुमार साहू का बताया गया है। कार्रवाई के बाद धान को मंडी विभाग के सुपुर्द किया गया। मंडी उपनिरीक्षक ललित मोहंती और साजिद मोहम्मद ने विधिवत जब्ती की कार्रवाई की।

3100 रुपये समर्थन मूल्य, इसलिए सक्रिय हो सकते हैं बिचौलिए
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के समर्थन मूल्य में अंतर का फायदा उठाने के लिए दूसरे राज्य से धान लाकर यहां खपाने की कोशिशों की आशंका बनी रहती है। अधिक कीमत पर धान बेचने के लालच में कुछ बिचौलिये किसानों के नाम, पंजीयन और खरीदी व्यवस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, टूहलु में पकड़े गए धान के मामले में ऐसी किसी साजिश की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सीमावर्ती गांवों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत
खैरट, टूहलु और टेका क्षेत्र में ओडिशा से धान लाए जाने की सूचनाओं के बीच हुई इस कार्रवाई ने सीमावर्ती इलाकों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। धान खरीदी शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों से आने वाले धान की अवैध खपत रोकना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए जांच नाकों पर नियमित निगरानी, वाहनों के परिवहन दस्तावेजों का सत्यापन और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है।

किसानों के हक पर बिचौलियों की नजर तो नहीं?
सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करती है। ऐसे में यदि दूसरे राज्यों से लाया गया धान स्थानीय खरीदी केंद्रों में खपाया जाता है, तो इसका सीधा असर वास्तविक किसानों के हितों और सरकारी खरीदी व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि खरीदी केंद्रों में केवल पात्र किसानों का ही वास्तविक उत्पादन खरीदा जाए।

फिलहाल टूहलु में 85 कट्टा धान और 407 वाहन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब यह जांच का विषय है कि धान कहां ले जाया जा रहा था, इसके परिवहन संबंधी दस्तावेज क्या थे और क्या इसके पीछे कोई संगठित बिचौलिया नेटवर्क सक्रिय था। धान खरीदी शुरू होने से पहले हुई इस कार्रवाई ने प्रशासन के सामने सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्त निगरानी की जरूरत को फिर रेखांकित कर दिया है।

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