बागबाहरा

बागबाहरा। मासूम की मौत ने खोली ईंट भट्ठों की काली सच्चाई: बंधक बनाकर करवाते थे मजदूरी, इलाज न मिलने से 2 साल की बच्ची की मौत

बागबाहरा। महासमुंद जिले के बागबाहरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मजदूरी के नाम पर परिवार को उत्तर प्रदेश ले जाकर बंधक बनाकर काम कराया गया और इलाज के अभाव में 2 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार – ग्राम बस्ती बागबाहरा निवासी कामिनी नाग (20 वर्ष) अपने पति प्रकाश के साथ मजदूरी कर जीवन यापन करती हैं। पीड़िता के अनुसार, ग्राम देवरी के भट्ठा सरदार शांताराम साहू और उसके मैनेजर तोरण प्रजापति ने अक्टूबर 2025 में उन्हें 35,000 रुपये एडवांस और अधिक कमाई का लालच देकर उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठे में काम के लिए ले गए।

वहां पहुंचने के बाद परिवार को कथित रूप से बंधक बनाकर दिन-रात मजदूरी कराई गई। उन्हें पर्याप्त भोजन और पैसे भी नहीं दिए गए। पीड़िता ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से उन्हें पूरी तरह से भुगतान यहाँ तक की उनका राशन खर्च भी बंद कर दिया गया था।

इसी दौरान 1 मार्च 2026 को उनकी 2 वर्षीय पुत्री रिया की तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने भट्ठा प्रबंधन से कई बार इलाज के लिए अनुरोध किया, लेकिन उन्हें न तो अस्पताल जाने दिया गया और न ही कोई आर्थिक मदद दी गई।

स्थिति गंभीर होने पर 11 अप्रैल 2026 को परिवार किसी तरह वहां से भागकर प्रयागराज पहुंचा, जहां बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान 12 अप्रैल 2026 को मासूम बच्ची रिया की मौत हो गई।

बच्ची के निधन के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार अपने गृह ग्राम में किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल उन्हें बंधक बनाकर रखा बल्कि उनके नाम पर भट्ठा मालिक से लाखों रुपये भी लिए और बाद में संपर्क करने पर उनका नंबर भी ब्लैकलिस्ट कर दिया।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(1)(घ) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।

मानवाधिकारों के उल्लंघन पर सवाल खड़ा कारता मामला :-

यह घटना न केवल श्रमिक शोषण बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करती है। सवाल यह है कि आखिर कब तक मजदूरों को इस तरह लालच देकर बंधुआ बनाकर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जाता रहेगा?

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