
देशराज दास महासमुंद/सिंघोड़ा। महासमुंद पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से छत्तीसगढ़ लाई जा रही 5.160 किलोग्राम गांजा की खेप जब्त की है। इस मामले में तीन तस्करों और गांजा सप्लाई करने वाले एक आरोपी सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, दो वाहन और चार मोबाइल सहित कुल 3.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सूचना मिली कि एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी के जरिए उड़ीसा से गांजा की खेप छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। सूचना के आधार पर एनएच-53 स्थित रेहटीखोल में नाकाबंदी की गई।
नाकाबंदी के दौरान मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 BP 1670 और उसके पीछे चल रही स्कूटी क्रमांक DL 11 SV 2022 को रोककर तलाशी ली गई। पूछताछ में आरोपियों ने पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर स्कूटी की सीट के नीचे गांजा छिपाकर रखने की बात स्वीकार कर ली।
जांच में पता चला कि गांजा उड़ीसा के बरगढ़ जिले के गर्भना क्षेत्र से खरीदकर जांजगीर-चांपा में पुड़िया बनाकर बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गांजा सप्लाई करने वाले उड़ीसा निवासी चैतन्य पांडा को भी गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5.160 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग 2.58 लाख रुपये), एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और चार मोबाइल फोन जब्त किए। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 3.71 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(B) के तहत थाना सिंघोड़ा में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपी:
हरीश राठौर (23 वर्ष), निवासी जांजगीर-चांपा।
मुरारी सूर्यवंशी (45 वर्ष), निवासी जांजगीर-चांपा।
प्रदीप सूर्यवंशी (20 वर्ष), निवासी जांजगीर-चांपा।
चैतन्य पांडा (60 वर्ष), निवासी सेकंड करवाना, थाना सुहेला, जिला बरगढ़ (उड़ीसा)।
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।