
देशराज दास बसना। जनपद पंचायत बसना क्षेत्र अंतर्गत कापूडीह से बोइरमलीहाडीपा होते हुए बिरसिंगपाली क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग महासमुंद द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लगभग 2 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क को लेकर स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन हुआ है या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है। लोगों ने कहा कि शासन की राशि से बनने वाली सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें, इसके लिए निर्माण कार्यों की पारदर्शी जांच जरूरी है.
शासन प्रशासन लोगों के सहज आवागमन एवं व्यापार हेतु गांव गांव को शहर तक जोड़ने के लिए कईं योजनाएं संचालित कर रही है। जिनमें से लोक निर्माण विभाग सड़क योजना है, इसमें दुर-दराज के गावों को शहर से जोड़ने के लिए सरकार नई मुहिम चला रही है। किन्तु कुछ भ्रष्ठ ठेकेदार अधिक लाभ के लालच में अधिकारीयों से सांठगांठ करके घटिया निमार्ण को अंजाम दे रहे है।
ऐसा ही एक मामला बसना ब्लॉक के ग्राम पंचायत बिरसिंगपाली में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिरसिंगपाली के आश्रित गांव से कापूडीह से बोइरमलीहाडीपा होते हुए बिरसिंगपाली तक का पहूॅच मार्ग निर्माण विभाग के तहत निमार्ण किया जा रहा है जिसमें शासन के सारे नियम कानून को ताक में रखकर भ्रष्टाचार का खुला खेल खेला जा रहा है।
सड़क की लम्बाई लगभग 2.50 किमी में पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य है । जिसका ठेका कार्य मनोज कुमार केडिया को दिया गया है, जिनके द्वारा निम्न क्वालिटी के सड़क निमार्ण साम्रगी का उपयोग करके घटिया निमार्ण को अंजाम दिया जा रहा है। इस मामले में भागीरथी पटेल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा गुवत्ताहीन सामग्री से सड़क का निमार्ण कार्य किया गया है । साथ ही तय मानक के आधार पर निमार्ण सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है, जिससे सड़क अभी से उखड़ना प्रारंभ हो चुका है।
आपको बतादे सड़क पर गिट्टियां दिखाई देने लगी हैं, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद इसकी परत खराब होने लगी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता होने के कारण सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण के कुछ ही महीने बाद सड़कें टूटने लगें तो यह कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
करोड़ों की चमचमाती सड़क पर उक्त ठेकेदार की गुणवक्ताहीन कार्य देखने को मिला। निर्माण कार्य के समय में ग्रामीणों ने विभाग के आला अधिकारियों को आवगत भी कराया। जिसके बाबजूद अधिकारियों के सह में ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण को अंजाम दे दिया। ज्ञात हो कि उक्त मार्ग अत्यधिक जर्जर हो जाने के कारण ग्रामीणों को कई वर्षो बाद डामर की स़ड़क नसीब हो पायी, मगर यह भी भष्ट्राचार की भेट चढ जायेगी।
विभागीय अधिकारियों ने साधी चुप्पी, सवालों से बचते रहे जिम्मेदार
सड़क निर्माण में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता को लेकर जब लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो विभाग के सब इंजीनियर मुकेश नायक ने स्पष्ट कहा,मैं इस मामले में बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं हूं। हमारे एसडीओ साहब ही इस संबंध में बाइट देंगे।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग के सरायपाली एसडीओ एम.के. तिवारी से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने एक भी कॉल रिसीव नहीं की। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का फोन नहीं उठाना कई सवाल खड़े करता है। जिस सड़क की गुणवत्ता पर ग्रामीण लगातार सवाल उठा रहे हैं, उस पर विभाग के अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आए।