पंडरसिली बलात्कार कांड में पीडित परिवार को 10 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी दें,सांसद गोमती साय ने कहा पुलिस की भूमिका,संदिग्ध जरुरत पड़ी तो सड़को पर भी उतरेगें

रायगढ़। जशपुर के पंडरसिली की बेटी के साथ हुये बलात्कार व मौत के मामले ने अब तुल पकड़ लिया हैं सांसद गोमती साय ने पीडित परिवार को दस लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी दिये जाने की मांग की हैं.इस बीच कल इस मामले में महिला आयोग की टीम के गांव पहुंचने की खबर हैं आज जशपुर कलेक्टर व एस.पी.ने भी पीडित परिवार से मुलाकात की हैं जिसका पूरा विवरण नहीं मिल सका हैं।
सांसद गोमती साय ने मिडिया से बात करते हुये कहा की मामले में पुलिस की भूमिका पूरी तरह सिदिंग्ध हैं लाश को बिना पोस्टमार्टम किये दफनाना और फिर गर्भ का डी एन ऐ टेस्ट कराने के नाम लाश को क्रब खोद कर बाहर निकालना सदेह पैदा करता हैं यदि डी एन ऐ टेस्ट कराना था तो लाश को दफन करने से पहले ही सेम्पल कलेक्ट क्यों नही किया गया सांसद का मानना हैं कि पुलिस ने मामले में घोर लापरवाही की हैं
उन्होने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ में काग्रेंस की सरकार बनी हैं जनजाती वर्ग पर अत्याचार बढ़ा हैं खासकर जशपुर इलाके में एक समाज विशेष को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ हैं जिससे अपराधियों के हौसले में वृध्दी हुयी हैं पंडरसिली मामले में निष्पक्ष जांच करा कार्यवाही किये जाने की जरुरत हैं सरकार को पीडित परिवार को तत्काल राहत देनी चाहिये यूपी के हाथरस में योगी सरकार ने तो पीडित परिवार को 25 लाख का मुआवजा सरकारी नौकरी व मकान तक दिया उसके बावजूद काग्रेंसी नेताओ ने राजनैतिक लाभ के लिये वहां प्रदर्शन व उतेजना फैलायी अब छत्तीसगढ़ की बात हैं.
तो सरकार को भी दोषियों पर कार्यवाही कर संवेदनशिलता का परिचय देना चाहिये भाजपा पूरी ताकत से अपनी आदिवासी बेटी को इंसाफ दिलाने दृढ़ संकल्पित हैं हम काग्रेंस की तरह कोरोना नियमों का उलंघन करना नहीं चाहते वरना हम भी राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की तरह सैकड़ो समर्थको के साथ सड़को पर प्रदर्शन कर सकते थे यदि सरकार ने पंडरसिली की बेटी के साथ न्याय नहीं किया तो हमें विवश हो कर सड़को पर उतरना पडे़गा।
उन्होने कहा कि भाजपा के बडे़ नेताओ को घटना से अवगत करा दिया गया हैं और जल्द ही भाजपा इस मामले में एक्शन लेगी जशपुर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय का गृह नगर हैं और जूदेव परिवार के युध्दवीरसिंह प्रबल प्रतापसिंह बहू प्रियम्बदा रणविजय सिह के अलावा कृष्णा राय गोमती साय की राजनैतिक कर्मभूमि रहा हैं जिसका कोई तोड़ काग्रेंस के पास नहीं हैं यदि इस मामले को संभालने में सरकार ने और देरी की तो भाजपा इसका राजनैतिक लाभ उठाने से नहीं चूकेगी .