बसना

बसना में अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई क्यों ठप? नोटिस पर नोटिस, लेकिन ज़मीनी हकीकत जीरो

रेरा में शिकायत की तैयारी, स्मार्ट सिटी के पीछे अवैध प्लाटिंग का जाल, जिम्मेदार विभाग बेखबर

देशराज दास बसना। नगर पंचायत बसना क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। खासतौर पर बसना, स्मार्ट सिटी के पीछे बंसुला क्षेत्र में खटखटी ओवर ब्रिज के बाजू अवैध प्लाटिंग तेजी से किए जाने की शिकायत सामने आ रही है।

नगर पंचायत द्वारा अब तक तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, वहीं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा भी पटवारी से जांच प्रतिवेदन मंगवाया जा चुका है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि इस मामले को लेकर 5 से 6 बार लगातार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शून्य बनी हुई है। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो प्रशासन उदासीन है या फिर किसी दबाव में कार्रवाई को टाल रहा है।

रेरा में भी जाएगी शिकायत
मामले को लेकर अब संबंधित द्वारा रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में भी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि अवैध प्लाटिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके और खरीदारों को ठगी से बचाया जा सके।

क्या हो सकती है कार्रवाई?
नगर निकाय के नियमों के अनुसार, अवैध प्लाटिंग पर नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा कई सख्त कदम उठाए जा सकते हैं—
▪️अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर तत्काल रोक लगाने के आदेश
▪️संबंधित कॉलोनाइजर/भूमि मालिक को नोटिस जारी कर जवाब तलब
▪️अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई
▪️राजस्व विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई कर भूमि की स्थिति स्पष्ट करना
▪️आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज कराने की पहल
इसके बावजूद बसना में इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं दिख रहा है।

▪️एसडीएम क्या कार्रवाई कर सकता है? 
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM के पास अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई के व्यापक अधिकार होते हैं। प्रमुख रूप से—
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के तहत कृषि भूमि का अवैध डायवर्सन (बिना अनुमति उपयोग परिवर्तन) पाए जाने पर कार्रवाई,अवैध कब्जा या गलत उपयोग पर जुर्माना और भूमि को मूल स्थिति में लाने का आदेश

▪️डायवर्सन नियम
बिना वैध अनुमति के कृषि भूमि को आवासीय/व्यावसायिक प्लाट में बदलने पर रोक
अवैध प्लाटिंग पाए जाने पर प्लॉटिंग निरस्त करने का अधिकार

▪️धारा 133, दंड प्रक्रिया संहिता
जनहित में अवैध निर्माण/प्लाटिंग को हटाने का आदेश जारी कर सकते हैं
तत्काल रोक लगाने और हटाने की कार्यवाही

▪️संयुक्त कार्रवाई का अधिकार
नगर पंचायत, तहसील और पुलिस के साथ मिलकर अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर कार्रवाई
संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ FIR दर्ज कराने की अनुशंसा

▪️रजिस्ट्री पर रोक
संदिग्ध/अवैध प्लॉटों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश

सीएमओ नगर पंचायत बसना ने अवैध प्लाटिंग के मामलों में लगातार प्रमोद अग्रवाल को तीन बार नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन कॉलोनाइजर ने अब तक जवाब नहीं दिए है साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने पटवारी से जांच प्रतिवेदन हो चुका है। लेकिन कार्रवाई अब तक जीरो है?

बड़ा सवाल
बार-बार नोटिस, जांच और खबरों के बावजूद कार्रवाई का अभाव आखिर क्या संकेत देता है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रहा है या फिर अवैध प्लाटिंग करने वालों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल रहा है? फिलहाल बसना में अवैध प्लाटिंग का मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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