पिथौरा

पिथौरा में स्टाम्प माफिया का खुला खेल! तय दर से ज्यादा वसूली, सवाल उठाने पर धमकी — महिला पत्रकार से अभद्रता

ब्रेकिंग न्यूज चलाने पर मानहानि की धमकी, नोटरी कक्ष में बैठकर स्टाम्प बिक्री का आरोप

पिथौरा। नगर में इन दिनों स्टाम्प वेंडरों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। आरोप है कि यहां शासन द्वारा निर्धारित दरों को दरकिनार कर स्टाम्प पेपर खुलेआम अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध वसूली लंबे समय से चल रही है और विरोध करने पर लोगों को धमकियों और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।

महिला पत्रकार शिखा दास के अनुसार, 10 रुपये के स्टाम्प को 15 रुपये, 20 रुपये के स्टाम्प को 30 रुपये, 50 रुपये के स्टाम्प को 60 रुपये तथा 100 रुपये के स्टाम्प को 120 रुपये तक में बेचा जा रहा है। यानी हर स्टाम्प पर खुलेआम अतिरिक्त वसूली की जा रही है। कुछ मामलों में तो लोगों से 5 से 6 हजार रुपये तक की मांग किए जाने की भी शिकायत सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय कार्य, हलफनामा तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए स्टाम्प लेना अनिवार्य होता है, जिसका फायदा उठाकर वेंडर मनमानी वसूली कर रहे हैं। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि कोई निर्धारित दर की बात करता है तो उसे डांट-फटकार कर भगा दिया जाता है।

पड़ताल करने पहुंची महिला पत्रकार से बदसलूकी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित महिला पत्रकार शिखा दास ने मामले की सच्चाई जानने के लिए मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन के लिए 10 रुपये का स्टाम्प खरीदना चाहा, लेकिन आरोप है कि स्टाम्प वेंडर दुष्यंत डड़सेना ने 15 रुपये की मांग की।

जब पत्रकार ने अतिरिक्त राशि का कारण पूछा तो वेंडर द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। आरोप है कि इस दौरान पत्रकारों पर झूठी खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाते हुए अपमानजनक टिप्पणी भी की गई। इतना ही नहीं, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि अतिरिक्त वसूली की राशि “ऊपर तक” पहुंचाई जाती है। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह मामला केवल एक वेंडर की मनमानी नहीं बल्कि एक संगठित भ्रष्ट तंत्र की ओर इशारा करता है।

नोटरी कक्ष में बैठकर स्टाम्प बिक्री का आरोप
बताया जा रहा है कि संबंधित वेंडर दुष्यंत डड़सेना, नोटरी तुलसीराम डड़सेना का पुत्र है और नोटरी कक्ष में बैठकर ही स्टाम्प की बिक्री करता है। इस दौरान नोटरी के सामने ही कथित रूप से अभद्र व्यवहार और धमकी की भाषा का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इससे पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जो जांच का विषय है।

ब्रेकिंग न्यूज चलाने पर मानहानि की धमकी
पीड़ित पत्रकार शिखा दास का आरोप है कि जब इस मामले को लेकर 8 अप्रैल की रात ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित की गई तो इसके बाद अप्रत्यक्ष रूप से मानहानि करने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि नोटरी तुलसीराम डड़सेना ने यह कहते हुए नाराजगी जताई कि “ब्रेकिंग न्यूज क्यों चलाया गया।”

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पूरे मामले को लेकर पत्रकार शिखा दास ने पिथौरा एसडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंप दी है। उन्होंने संबंधित स्टाम्प वेंडर का लाइसेंस निरस्त करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

नगर में खुलेआम हो रही इस अवैध वसूली ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि आखिर लंबे समय से चल रही इस मनमानी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

फिलहाल अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है, ताकि आम जनता को इस कथित “स्टाम्प माफिया” के चंगुल से राहत मिल सके।

Back to top button