महासमुंद

महासमुंद/पिथौरा: वन विभाग में लाखों के भ्रष्टाचार का आरोप, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग

(छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ महासमुंद/पिथौरा।) महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बुन्देली में पदस्थ सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी छविराम साहू एवं अधीनस्थ वनरक्षकों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विभागीय जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

स्वतंत्र पत्रकार एवं सरायपाली निवासी जय कुमार सारथी ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त तथा वन मंडलाधिकारी महासमुंद को लिखित शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि बुन्देली परिक्षेत्र में वन विकास कार्यों के लिए शासन से प्राप्त राशि का दुरुपयोग किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि विकास कार्यों के नाम पर शासकीय धन का गबन कर बंदरबांट की गई तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार वन विभाग को प्रत्येक वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की राशि आवंटित की जाती है। आरोप है कि बुन्देली परिक्षेत्र में शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत सीमित क्षेत्रों में कार्य कराए गए, जबकि कई कार्य केवल कागजों में दर्शाकर फर्जी मजदूरी भुगतान एवं वित्तीय अनियमितताएं की गईं।

शिकायत में वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित ANR, SMC, PWC, RDF, LBCD, RDBF एवं कैम्पा जैसी योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि इन योजनाओं के लिए मिली राशि का समुचित उपयोग नहीं हुआ और विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।

शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराकर विभागीय जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

आवेदक द्वारा भौतिक निरीक्षण एवं जांच के संबंधित शिकायत किया गया था किंतु कई महीने गुजर जाने के बाद भी जांच उच्च अधिकारियों द्वारा नहीं करने पर आवेदक द्वारा मजबूरन सीएम पोर्टल का सहारा लेना पड़ा अब देखना यह है कि क्या सीएम पोर्टल में भी शिकायत को खाना पूर्ति समझ कर दरकिनार किया जाता है या फिर संबंधित शिकायत पर जिला मुख्यालय के अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कार्यवाही करते हैं

 

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