महासमुंद: 40 साल की लंबी लड़ाई के बाद अब होगा डीएनए टेस्ट,फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट ने दिया निर्देश

महासमुंद: (भगत देवरी) पिता का नाम तथा सम्पत्ति पर हक की लड़ाई हेतु 40 वर्षो से संघर्षरत पुत्र पद्मलोचन साहू को अब आखिरकार न्याय मिल ही गया। अपर जिला न्यायाधीश फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट महासमुंद ने पुत्र की ओर से डीएनए टेस्ट की याचिका को स्वीकार कर लिया है ।
बतादें कि पिथौरा ब्लाक के ग्राम जामजुड़ा निवासी साहू परिवार के एक संम्पन कृषक तेजकुमार साहू ने 40 साल पहले घर मे काम करने वाली अन्य जाति की महिला प्रभा बाई से छुप कर विवाह किया था जिससे एक सन्तान भी हुई थी । किन्तु सामाजिक लोक लाज के भय से उसने महिला को पत्नि व उत्पन्न सन्तान को पुत्र मानने से इंकार कर दिया, तब से मामला मुकदमा न्यायालय में चल रहा है ।
भूमि विवाद को लेकर मामला हाई कोर्ट तक भी जा चुका है जहां पर कोर्ट ने निर्देश दिया था कि अगर सन्तान उसकी नही है तो न्यायालय में मुकदमा दायर कर साबित करें लेकिन समाधान नही हुआ आखिरकार पुत्र पद्मलोचन साहू ने पिता का नाम प्राप्त करने व भूमि में हक़ प्राप्त करने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिसकी अपील फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट महासमुंद में चल रही है,उक्त अपीलीय मामले में पुत्र पद्मलोचन साहू ने डीएनए टेस्ट कराने का आवेदन दिया था जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए दोनों को आवश्यक तैयारी के साथ उपस्थित होने निर्देशित किया है । इस तरह से 40 वर्षों के बाद अब पुत्र पद्मलोचन साहू को न्याय मिल सका है ।