
छत्तीसगढ़ भूमि डेस्क: सरपंच से जुड़े कार्य और उसके खिलाफ शिकायत कहां और कैसे की जा सकती है, इसक बारे में बताया था. अब हम आपको ग्राम सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के कार्य और उससे जुड़ी जानकारी के बारे में बता रहे हैं. ग्राम पंचायत में सरपंच और जनता को जोड़ने की कड़ी रोजगार सहायक करते हैं. लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचेगा, किन लोगों तक मिलेगा, जैसे जरूरी काम सचिव और रोजगार सहायक करते हैं.
कौन होते हैं रोजगार सहायक?
हर ग्राम पंचायत में सरपंच, उपसरपंच और पंच होते हैं. किसी भी योजना को गांव के हर तबके और लोगों तक पहुंचाने और योजना के लाभ बताने का काम सचिव का होता है. सचिव ही गांवों को मिलने वाली विकास निधि और जॉब कार्ड, मनरेगा और दूसरे श्रमिक कार्यों के लिए लोगों को लगाते हैं. जिन गांवों में सचिव नहीं होते हैं वहां ग्राम रोजगार सहायक होते हैं. कहीं-कहीं तो रोजगार सहायक ही अपने को सरपंच सचिव समझ बैठते हैं. इनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर गांवों में मिलते रहती हैं. कई में रोजगार सहायक को निलंबित भी किया जा चुका है. अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है या रोजगार सहायक योजनाओं का लाभ देने में आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत की जा सकती है.
क्या-क्या आरोप लगते हैं रोजगार सहायक के खिलाफ
ग्राम रोजगार सेवक से गांव में अक्सर एक खेमा नाराज रहता है. उस पर सरकारी योजनाओं का लाभ देने के एवज में घूस लेने के भी आरोप लगते हैं. उस पर रोजगार के समान अवसर नहीं करना, कार्य लेने के उपरांत भुगतान में व्यवधान उत्पन्न करना, क्षमता एवं समानता के अनुरूप कार्य नहीं दिया जाना आदि शामिल हो सकता है. उस पर उपने लोगों के काम और लाभ दिलाने का भी आरोप लगता है.
सरपंच सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत
आप अपनी पंचायत क्षेत्र के जनपद पंचायत सीईओ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित कलेक्टर को लिखित में आवेदन देकर ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध शिकायत कर सकते हैं. समस्या यदि आप की अकेले की ना होकर, समाज के अन्य लोगों को भी हो रही है तो जिले के कलेक्टर को वस्तुस्थिति से अवगत कराएं. अवश्य ही ग्राम रोजगार सेवक को चेतावनी या अन्य प्रकार का पनिशमेंट किया जा सकता है.
सीएम-पीएम से भी कर सकते हैं शिकायत
खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत के अधिकारियों की शिकायत करें व उनसे संतुष्टि नहीं मिलने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद को व उनके बाद जिला कलेक्टर को उनके बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय व उसके बाद ग्रामीण विकास मंत्री, उसके बाद मुख्यमंत्री, लोकायुक्त, राज्यपाल, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को भी कर सकते हैं.