डायल 112की सुविधा जल्द ही सभी जिलो में शुरू,एक ही नंबर पर आपातकालीन सुविधा उपलब्ध करोडों लोगो को मिलेगा सीधा लाभ

हरिमोहन तिवारी रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार ने डायल 112को शुरुआत करके मैदानी इलाकों से अच्छी रिपोर्ट आने के बाद शेष बचे जिलों को जोडने जा रही हैजल्द ही बाकी बचे जिलों में 112डायल की सुविधा लोगो को मिलने वाली है!पुलिस के काम काज की समाजिक तस्वीर बन कर उभरी है यह सेवा /डायल 112को समाजिक-चेतना जागृत करने के लिए उपयोग किया जा सकता है ।
पुलिस प्रशासन को भी जिम्मेदार लोगो को इसमें तैनात कर समिजिक पुलिसिंग को बढाया जा सकता है ।
जानकारी के अनुसार इसके लिए 120 नई गाड़ियों की खरीदी की जाएगी। कंट्रोल रूप में कॉल टेकर की संख्या 50 हो जाएंगी। इसके लिए नई भर्तियां भी की जाएंगी। डायल-112 के लिए अनुपूरक बजट में 25 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही मार्च तक सारे जिलों में काम शुरू हो जाएगा। एक ही नंबर पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की आपातकालीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दो साल पहले डायल-112 की शुरुआत की गई थी। 11 जिलों से इसकी शुरुआत हुई थी, जिसमें रायपुर के साथ-साथ ज्यादातर मैदानी इलाके शामिल हैं। इन जिलों में बेहतर काम के बाद प्रदेशभर में यह सुविधा शुरू करने की मांग थी। इस संबंध में राज्य शासन को प्रस्ताव दिया गया था।
हाल में जब किसानों की आत्महत्या और रकबे में कटौती व गिरदावरी में गड़बड़ी के मामले आए, तब राज्य शासन ने किसानों की समस्याओं का हल निकालने के लिए डायल-112 की मदद ली है। इसके बाद यह सुविधा प्रदेशभर में शुरू करने की रूपरेखा बनाई गई। इन जिलों से हुई थी शुरुआत: राजधानी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, जगदलपुर शहर।
अब नई जिलों के लिए आया प्रस्ताव: बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, मुंगेली, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कांकेर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर। इन जिलों के कंट्रोल रूम जुड़ेंगे: नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा।
40 से ज्यादा महिलाओं के प्रसव डायल-112 की सुविधा शुरू होने के बाद आपातकालीन सेवा ही नहीं, बल्कि कई ऐसे मौके भी आए जब फायर ब्रिगेड ही नहीं, बल्कि 108 से पहले भी डायल-112 की टीम पहुंची। अब तक 40 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव डायल-112 की गाड़ियों में हुए हैं।इसके अलावा आत्महत्या की कोशिश करने वाले लोगों को बचाने से लेकर आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड से पहले डायल-112 के जवानों ने ग्रामीणों तक समय रहते सेेेवादेकर अपनी भूमिका को विस्तार ही देने का काम किया है