सरायपाली

महासमुंद/सरायपाली; धोबी समाज ने चलाया जनगणना अभियान अनुसूचित जनजाति के लिए मांगा आरक्षण सरायपाली में हुए लामबंद

महासमुंद/सरायपाली। छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज के अध्यक्ष सहित अनेक प्रादेशिक पदाधिकारी राज्यव्यापी दौरा कर रहे हैं, इसी कड़ी में महासमुंद जिले के सरायपाली में अभियान चला जिसमें समाज जनों के खुलासा के बाद प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने कहा जिस प्रकार से अविभाजित मध्य प्रदेश के 3 जिले में धोबी समाज को अनुसूचित जाति के श्रेणी में रखा गया है.

उसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में भी धोबी जाति को अनुसूचित जनजाति के श्रेणी में रखा गया है जो छत्तीसगढ़ में ही है। अनेक समाज जनों को प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका है। उन्होंने कहा- इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एवं विभागीय मंत्री तथा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात किया जाएगा और इस खंडित आरक्षण से समाज को निजात दिलाने मांग की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा-कि श्री भूपेश बघेल सामाजिक सोच रखने वाले जानकार राजनेता है और उन्होंने समाज को गरीबी से जाना है पहचाना है।

13 जनवरी 2019 को जब रजक महोत्सव में शिरकत किए थे तब उन्होंने जितना भी घोषणा किया सबको अमल करने के लिए आदेश पारित किए हुए हैं। उसीके फलस्वरुप यह जनगणना अभियान चल रहा है। पदाधिकारियों के सम्मेलन में महासमुंद के जिला अध्यक्ष देवानंद निर्मलकर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा खाप पंचायत से दूर रहें और पक्षपाती न्याय से बचने महिलाओं और युवाओं को सामाजिक न्याय में भागीदारी दें निश्चित रूप से समाज की ताकत दिखेगी। उन्होंने विवाह योग्य बेटा बेटी परिचय सम्मेलन को प्रमुख आयोजन करने पर बल दिया।

सरायपाली फूलझर परिक्षेत्र के अध्यक्ष पूर्ण चंद सेठ ने कहा- अनुसूचित जनजाति का आरक्षण मिल चुका है धोबी समाज को लेकिन समाज में जागृति की कमी होने के कारण प्रशासन तंत्र से स्वाधीनता की कमी बनी हुई है जिसको पूरा करने के लिए हर क्षेत्र में युवा जोड़ो अभियान चलाने पर बल दिया। सम्मेलन को पिछड़ा वर्ग संगठन के प्रदेश महासचिव सरपंच डॉ कुंज लाल साहू, फूलझर रियासत के अध्यक्ष पाल सिंह बरेठ, सुरेंद्र निर्मलकर, खल्लारी राज के अध्यक्ष पन्नालाल निर्मलकर, दिलीप सेठ, राजकुमार सेठ, बनवारीलाल सेठ, संत राम नाग, भोज राम कर्ष, छबीलाल बरेठ, कमलेश निर्मलकर, जांजगीर जिला के युवा अध्यक्ष ललित कुमार बरेठ, प्रवक्ता महेंद्र बरेठ, रायगढ़ जिला के अध्यक्ष संदीप बरेठ, प्रादेशिक प्रवक्ता साहिब राम बरेठ, मुकेश निर्मलकर, संतोष कर्ष, ग्यारसी लाल कर्ष, बिहारी राम बरेठ आदि अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया और दहेज प्रथा मृत्यु भोज जैसे अनेक रूढ़िवादी प्रथा को त्यागने का संकल्प लिया।

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