खेतों में बन रही कॉलोनियां, बसना में अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई कब?
बसना में भूमाफियाओं का खेल, नियम ताक पर रखकर काटे जा रहे प्लॉट

देशराज दास बसना। नगर पंचायत बसना एवं शहर से लगे पंचायतों से 15 से 20 सालो तक एनओसी लिए बिना ही कई कॉलोनियों में तेजी निर्माण चल रहा है। इसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को दरकिनार कर दिया गया है। शहर एवं गांव में कॉलोनाइजर एक्ट का पालन नहीं हो रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में भी अवैध प्लाटिंग कर दी गई है। इन भूमाफियाओ पर शिकंजा कसने के बजाय अधिकारी भी चुप्पी साध ली है। इस कारोबार के चलते जमीन की कीमत मनमाना रेट बढ़ गई है। वही कॉलोनी के नाम पर लोगो के साथ धोखा भी किया जा रहा।
गौरतलब है कि बसना नगर समेत बंसुला, अरेकेल, खेमड़ा पंचायत अंर्तगत अवैध प्लाटिंग का कारोबार कई सालो से तेजी से चल रहा । कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री जोरों पर है। वहीं दूसरी और भूमाफिया भी सक्रिय हैं। इनके द्वारा नगर पालिका एवं ग्राम पंचायतो से किसी तरह की अनुमति नहीं ली जा रही है। इससे अव्यवस्थित तरीके से कॉलोनी व बसाहट कर दिया जा रहा है। जो आगे चलकर विकराल समस्या उतपन्न करेगा। बसना में श्याम विहार, बसना-पदमपुर मार्ग किनारे बंसूला-बसना में स्थित गुरुनानक धर्मशाला के पीछे, अरेकेल मार्ग स्थित, अरेकेल डिपा, खेमड़ा पंचायत अंर्तगत व राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कृषि भूमि और वार्ड नम्बर 02 इत्यादि स्थानों पर कॉलोनी बन रहे है। देखना यह है इनमे से कितने लोगों ने कालोनाइजर एक्ट का पालन किया है।

एक्ट का उलंघन, कृषि भूमि को कर रहे परिवर्तित
कृषि भूमि पर प्लांटिग प्रतिबंधित है। वहीं महासमुंद जिले के बसना में शासन की अनुमति के बिना ही कृषि योग्य भूमि की प्लाटिंग कर दी जा रही है। किसानों से जमीन खरीदकर प्लाट काट रहे हैं। एक्ट के अंतर्गत बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस व नियमों के बिना प्लाटिंग नहीं की जानी है। खेती जमीन का डायवर्सन भी जरुरी है। जिसका खामियाजा आम जनता के साथ ही शासन को राजस्व की क्षति के रूप में हो रही है।
सुविधा के नाम पर मुरम की सड़क
नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर प्लाटिंग कर दी गई है। लगातार प्लाटिंग होते देख ग्रामीण दलालों के च-र में फंस रहे हैं। वे मकान बनाने प्लाट की खरीदी तो कर लेते हैं, लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं मिलती। भूमफियाओं के द्वारा इन्हें लुभाने के लिए 10-12 फीट की सड़क बनाकर उस पर मुरम बिछाकर छोड़ दिया जा रहा है तो कही सीसी रोड बनाया जा रहा। इसके बाद वहां किसी तरह का विकास नहीं हो रहा है। जमीन खरीदने के बाद कॉलोनी के रहवासियों को बिजली, पानी, सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
कार्रवाई का अभाव
अवैध प्लाटिंग का खेल शहर के साथ गांवों में भी जारी है। इस पर कार्रवाई के लिए दो विभाग मौजूद है, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं कर रहा। नगरीय क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई करने नगर पालिका के पास अधिकार है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग पर राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही की जा सकती है। दोनों विभाग के अधिकारी हर बार आश्वासन तो देते हैं कि कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कार्रवाई तो दूर नोटिस तक नही दी जा रही है। जिसके चलते नगर भर में चल रहे अवैध प्लाटिंग पर अब तक शिकंजा नही कसा जा सका है।
शहर और गांवों मेंं बिना अनुमति हो रहा निर्माण
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में जमीन की खरीदी बिक्री हो रही है। नियमानुसार एसडीएम, टाउन व कंट्री प्लानिंग कार्यालय और नगर पालिका में आवेदन देकर अनुमति लेनी होती है। लेकिन प्लाटिंग के लिए कहीं से भी कोई अनुमति नहीं ली जा रही है। अब कार्रवाई करने की बातें अधिकारी कर रहे है। ग्राम पंचायत अरेकेल में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग का कारोबार फलफूल रहा है। वही ग्राम पंचायत अरेकेल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पंचायत की ओर से इस कार्य के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है।
इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी
बसना शहर के साई विहार, कौशल्या विहार, श्रीजी विहार वार्ड क्रमांक 6, राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे, टिकरापारा, वार्ड नम्बर 2 वहीं संजय बर्तन वाले घर से लग कर बसना-बंसूला सीमा क्षेत्र में, अरेकेल ग्राम डिपा में, खेमड़ा पंचायत अंतर्गत सोनी कॉलोनी समीप अनेक स्थानों पर खरीदी बिक्री जारी है.

ग्राम पंचायत अरेकेल के सरपंच श्रीमती मंजू ब्रिजलाल चौहान ने बताया कि संबंधित भूमि पर की जा रही प्लाटिंग के संबंध में ग्राम पंचायत से किसी भी प्रकार की अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया गया है। यदि बिना अनुमति के प्लाटिंग या कॉलोनी विकसित की जा रही है, तो यह नियमों के विरुद्ध है और संबंधित विभाग द्वारा जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
वही ग्राम पंचायत खेमड़ा की सचिव श्रीमती रंजू भोई ने बताया कि सोनी कॉलोनी के प्लाटिंग के संबंध में ग्राम पंचायत से किसी भी प्रकार की अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया गया है।
संबंधित व्यक्ति को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है उनके द्वारा अब तक कोई भी आवेदन कार्यालय प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे यह स्पष्ट होता है की कॉलोनी अवैध है उसको हम अवैध कॉलोनी घोषित करेंगे।
सूरज सिदार
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
नगर पंचायत बसना