बसना

बसना ब्लॉक में जल जीवन मिशन पर उठे सवाल: टंकियां बनीं, पर कई गांवों में अब तक नहीं पहुंचा पानी

सीसी सड़कें तोड़कर बिछाई पाइपलाइन, मरम्मत नहीं; अधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण परेशान

देशराज दास बसना। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत बसना ब्लॉक के 102 ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पानी टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया है। योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना और महिलाओं व बच्चों को पानी ढोने की परेशानी से राहत दिलाना है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। कई गांवों में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद अब तक नलों में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

बसना ब्लॉक की के उद्देश्य से पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया। लेकिन कई ग्राम पंचायतों में अब तक पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है, जिससे योजना की क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीण वीरेंद्र साव, दिलीप यादव, हेमलाल भोई, तेजकुमार दास, लोकनाथ यादव, ऋषिकेश भोई, शिव श्रीवास साथ ही कई लोगो का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार की उदासीनता के कारण योजना अधर में लटकी हुई है। टंकियां बनकर तैयार हैं, पाइपलाइन भी बिछा दी गई है, लेकिन न तो नियमित परीक्षण हुआ और न ही समय पर कनेक्शन चालू किए गए। कुछ स्थानों पर मोटर पंप की स्थापना अधूरी बताई जा रही है तो कहीं विद्युत कनेक्शन का काम लंबित है। परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को पानी के लिए पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांवों की सीसी सड़कों को तोड़ दिया गया, परंतु कार्य पूर्ण होने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। कई मोहल्लों में सड़कें उखड़ी पड़ी हैं, जिससे दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन गांवों में अब तक पानी सप्लाई शुरू नहीं हुई है, वहां तत्काल निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन सड़कों को तोड़ा गया है, उनकी शीघ्र मरम्मत कराई जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।

पानी टंकी बनी, नलों में पानी नहीं
ग्रामीणों के अनुसार टंकियां बनकर तैयार हैं और पाइपलाइन भी बिछा दी गई है, लेकिन कई बस्तियों में आज तक पानी चालू नहीं हुआ है। कुछ स्थानों पर मोटर पंप और विद्युत कनेक्शन अधूरे बताए जा रहे हैं, तो कहीं परीक्षण (ट्रायल रन) ही नहीं किया गया। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को हैंडपंप और पुराने जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है

सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए गए
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि कई गांवों में कार्यस्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड (डिस्प्ले बोर्ड) तक नहीं लगाए गए। नियमानुसार किसी भी शासकीय निर्माण कार्य में योजना का नाम, स्वीकृत राशि, कार्य प्रारंभ तिथि, पूर्णता तिथि, ठेकेदार का नाम और संबंधित विभाग की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए। लेकिन कई स्थानों पर सूचना बोर्ड न होने से ग्रामीणों को यह तक पता नहीं कि काम कब शुरू हुआ और कब समाप्त होना था। इससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है और कार्य में संभावित अनियमितताओं की आशंका भी बढ़ रही है।

कई पंचायतों में पानी सप्लाई ठप
ग्राम पंचायत देवरी के सरपंच सुरेश कोसरिया ने बताया कि पंचायत के आश्रित गांव पिलवापाली में अब तक पंचायत द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं दिया गया है, इसके बावजूद कार्य में अनियमितता देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मोटर पंप में खराबी और पाइपलाइन में लीकेज की समस्या बनी हुई है। ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों को फोन लगाने पर भी कॉल रिसीव नहीं किया जाता। कई बार मरम्मत का खर्च ग्राम पंचायत को ही वहन करना पड़ता है, जो गंभीर विषय है।

वहीं ग्राम पंचायत कोलिहादेवरी के सचिव झनेन्द्र साहू ने बताया कि पंचायत के आश्रित गांव गोहेदादर में अब तक पानी टंकी चालू नहीं की गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बिटागीपाली के आश्रित गांव पदरडीह में भी टंकी निर्माण के बावजूद पानी सप्लाई शुरू नहीं हुई है।

ग्राम पंचायत बरगांव के सचिव आत्मानंद साव ने बताया कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पानी टंकी चालू नहीं हो सकी है। ठेकेदार द्वारा बोर खनन और तकनीकी व्यवस्था शीघ्र कराने की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।

इसी तरह ग्राम पंचायत खेमड़ा की सचिव रंजू भोई ने भी जानकारी दी कि एक साल से ज्यादा समय हो जाने के बावजूद पानी टंकी चालू नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

  • इस संबंध में बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के घोर लापरवाही हो रही है यह अच्छी बात नहीं है जो भी अधिकारी इसमें लापरवाही कर रहे है उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए
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