बसना: बेदखली वारंट की आड़ में बड़ा खेल, बसना में बिना आदेश जेसीबी से तोड़ा पैतृक घर
गरीब परिवार का 40 वर्षों का आशियाना उजड़ा, न्याय की उम्मीद में पीड़ित पहुंचा कलेक्टर जनदर्शन

राजस्व अधिकारियों पर मनमानी का आरोप, जेसीबी से तोड़ा गया आवासीय मकान
बसना। तहसील बसना अंतर्गत ग्राम मुड़पहार पटवारी हल्का क्रमांक 36 में एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना सक्षम प्राधिकारी के आदेश के एक 40 वर्ष पुराने पैतृक आवासीय मकान को जेसीबी से तोड़ने का आरोप लगा है। इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मुड़पहार निवासी बृजेंद्र कुमार साहू (उम्र 58 वर्ष) ने बसना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर बताया कि उनकी भूमि खसरा नंबर 119, रकबा 0.67 हेक्टेयर पर विगत लगभग 40 वर्षों से उनका आवासीय मकान निर्मित था। आरोप है कि दिनांक 11 दिसंबर 2025 को बिना किसी वैधानिक आदेश के कुछ राजस्व अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा जेसीबी मशीन लाकर उक्त मकान को तोड़कर समतल कर दिया गया।
पीड़ित के अनुसार मकान तोड़े जाने के दौरान उसमें रखा कृषि उपकरण, घरेलू सामान एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएँ पूरी तरह नष्ट कर दी गईं, जिससे करीब 12 से 15 लाख रुपये की अपूरणीय क्षति हुई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि तहसीलदार बसना द्वारा जारी बेदखली वारंट में मकान तोड़े जाने का कोई आदेश नहीं था, इसके बावजूद कथित रूप से दबाव एवं मनमानी करते हुए कार्रवाई की गई। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें झूठे प्रकरण में फँसाने, थाना में बंद कराने एवं जेल भेजने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई गुहार मांगी निष्पक्ष जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित द्वारा यह शिकायत न केवल बसना थाना प्रभारी को दी गई है, बल्कि महासमुंद पहुंचकर कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में भी लिखित शिकायत प्रस्तुत कर उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि बिना विधिसम्मत आदेश के किसी का वर्षों पुराना घर तोड़ा जा सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा और अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या नहीं।