बसना

7.30 किमी की सड़क नहीं, ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है यह मार्ग नरसिंहपुर–सीतापुर–गनेकेरा सड़क के अभाव में कीचड़, दलदल और खतरे के बीच जीवन

देशराज दास बसना। ग्राम पंचायत चनौरडीह के आश्रित ग्राम सीतापुर को जोड़ने वाला नरसिंहपुर–सीतापुर–गनेकेरा मार्ग आज भी विकास से कोसों दूर है। लगभग 7.30 किलोमीटर लंबा यह मार्ग वर्षों से ग्रामीणों की पीड़ा और प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। यह मार्ग सीतापुर आने-जाने का एकमात्र रास्ता है, लेकिन बरसात आते ही यह सड़क नहीं बल्कि कीचड़ और दलदल का मैदान बन जाता है।

बरसात के दिनों में हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिन्हें रोज़ाना कीचड़ में फिसलते-पड़ते हुए जगदीशपुर स्कूल तक जाना पड़ता है। कई बार बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं, लेकिन मजबूरी उन्हें इसी रास्ते से गुजरने को विवश करती है।

सड़क नहीं तो वोट नहीं — ग्रामीणों ने किया विधानसभा चुनाव का बहिष्का
सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अनसुनी रहने से आक्रोशित ग्राम सीतापुर के ग्रामीणों ने बसना विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं, तो चुनावी वादों और मतदान का क्या अर्थ।

चुनाव बहिष्कार की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गांववालों का आक्रोश इतना गहरा था कि वे किसी भी आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और चुनाव बहिष्कार का फैसला कायम रखा।

लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी निभाई, लोकसभा चुनाव में 90% मतदान
हालांकि नाराजगी के बावजूद लोकसभा चुनाव में ग्राम सीतापुर के ग्रामीणों ने 90 प्रतिशत मतदान कर लोकतंत्र में अपनी आस्था को कायम रखा। गांव की आबादी लगभग एक हजार से अधिक है, लेकिन आज भी यह गांव बुनियादी सुविधा—सड़क—से वंचित है।

किसानों ने दान की थी अपनी जमीन, फिर भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि सन् 2003–04 में कई किसानों ने स्वेच्छा से अपनी निजी भूस्वामी जमीन सड़क मार्ग के लिए दान कर दी थी। ग्राम पटेल बनवास सांड, पूर्व सरपंच परशुराम विशाल, गोवर्धन टांडी, डिग्री लाल प्रधान, सुभाष साहू, प्रफुल्ल प्रधान, सुनील सांड, नरेश विशाल, विद्याधर भोई, शक्ति भोई सहित ग्रामीणों का कहना है कि जमीन देने के बाद भी सड़क न बनना सरकारी उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।

जनप्रतिनिधियों से लेकर शासन तक लगाई गुहार
सीतापुर की सरपंच कुंती जगदीश प्रधान ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर ग्रामवासियों के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल को लिखित आवेदन सौंपे गए हैं।इसके साथ ही महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं बसना विधानसभा विधायक डॉ. संपत अग्रवाल को भी मौखिक रूप से इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है।

पीडब्ल्यूडी का आश्वासन: बजट में शामिल, स्वीकृति बाकी
इस विषय पर बसना पीडब्ल्यूडी के उप अभियंता डी.पी. जोशी ने बताया कि नरसिंहपुर–सीतापुर–गनेकेरा मार्ग को बजट वर्ष 2024–25 में शामिल किया गया है।
सड़क का प्राक्कलन तैयार कर शासन को प्रेषित किया जा चुका है, फिलहाल प्रशासनिक स्वीकृति मिलना शेष है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

ग्रामीणों की दो टूक मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर सड़क निर्माण कार्य चाहिए। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर सड़क निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों की सुरक्षा और गांव के विकास का रास्ता खुल सके।

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