जानें राशन कार्ड में नाम जुड़ने से लेकर कटने तक की सभी जानकारियां
राशन कार्ड (Ration Card) में नाम से जुड़ने से लेकर कटने तक कई नियम हैं. इन नियमों को जान लेने से आपको राशन कार्ड बनाने में या नाम कट जाने में काफी मदद मिलेगा.

नेशनल डेस्क। राशन कार्ड (Ration Card) भारत सरकार (Central Government) की एक मान्यताप्राप्त सरकारी डॉक्यूमेंट (Official Document) है. राशन कार्ड की सहायता से लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उचित दर की दुकानों से खाद्यान्न बाजार मूल्य से बेहद कम दाम पर खरीद सकते हैं. राशन कार्ड में नाम से जुड़ने से लेकर कटने तक कई नियम हैं. इन नियमों को जान लेने से आपको राशन कार्ड बनाने में या नाम कट जाने में काफी मदद मिलेगा. अगर आप राशन कार्ड बनाने के दौरान गलत जानकारी देते हैं तो आपका राशन कार्ड रद्द हो सकता है. आइए जानते हैं आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का राशन कार्ड में नाम कटने से लेकर जुड़ने के नए नियम के बारे में.
राशन कार्ड बनाने की जिम्मेवारी किसके पास?
सबसे पहले जान लें कि राशन कार्ड बनाना राज्य सरकारों की जिम्मेवारी है. राज्य सरकार की खाद्यान्न एवं सप्लाई विभाग नए राशन कार्ड बनवाने से लेकर नाम काटने की काम करती है. इसलिए हर राज्य सरकारों ने राशन कार्ड बनाने से नाम हटाने के लिए अलग-अलग नियम तय कर रखी हैं. हर राज्यों की आवेदन जमा करने की प्रक्रिया भी अलग-अलग है. कहीं इसके लिए ऑफलाइन आवेदन लिए जाते हैं तो कहीं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन करने की सुविधा है.
कुछ राज्यों में फीस भी ली जाती है
कुछ राज्यों में बनाने के लिए फीस लिए जाते हैं तो कुछ राज्यों में फ्री में बनाए जाते हैं. अलग-अलग वर्गों के लिए राशन कार्ड के फीस अलग-अलग होते हैं. जैसे, दिल्ली में अगर आप राशन कार्ड बनाते हैं तो इसके लिए आपको 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक फीस देने पड़ेंगे. राशन कार्ड बनाने के लिए सभी प्रकार की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद अमूमन 30 दिन लग जाते हैं.
इन दस्तावेजों की राशन कार्ड बनाने में जरूरत पड़ती है
राशन कार्ड बनाने के लिए आईडी प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड, सरकारी बैंक में खाता, वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट, सरकार के द्वारा जारी किया गया कोई अन्य आई कार्ड, हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में कोई एक हो तो आप राशन कार्ड बना सकते हैं. इसके साथ ही अगर आपके पास पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, आय प्रमाण पत्र, पते के प्रमाण के तौर पर बिजली बिल, गैस कनेक्शन बुक, टेलिफोन बिल, बैंक स्टेटमेंट या पासबुक, रेंटल एग्रीमेंट जैसे डॉक्युमेंट भी लगेंगे. अगर आप राशन कार्ड बनाने के दौरान गलत जानकारी देते हैं या फिर किसी दूसरे राशन कार्ड पर गलत तरीके से अनाज लेते हैं तो भी आपका राशन कार्ड रद्द हो जाएगा. पकड़े जाने पर आपको पांच साल तक सजा भी हो सकती है.
कौन बना सकता राशन कार्ड
भारत का नागरिक ही राशन कार्ड बना सकता है.
नया राशन कार्ड बनाने के लिए पुराना राशन कार्ड नहीं होना चाहिए. एक आदमी को दो राशन कार्ड नहीं बन सकता. यह एक अपराध है.
जिसके नाम पर राशन कार्ड बनेगा, उसकी उम्र 18 साल से अघिक होनी चाहिए.
18 साल से कम उम्र के बच्चों का नाम माता-पिता के राशन कार्ड में ही शामिल किया जाता है.
परिवार के मुखिया के नाम पर ही राशन कार्ड बनता है.
राशन कार्ड में नाम शामिल होने के लिए परिवार के मुखिया से नजदीकी संबंध होना जरूरी.