बसना: 3 साल से ढकी बाबा साहेब की प्रतिमा, अब 30 अगस्त की डेडलाइन
भीम आर्मी ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, अनावरण नहीं हुआ तो संवैधानिक आंदोलन की चेतावनी

देशराज दास बसना: बसना नगर में एनएच-53 बायपास के समीप करीब तीन वर्षों से कपड़े में ढकी पड़ी संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की आदमकद कांस्य प्रतिमा का अनावरण अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। करीब 20 लाख रुपए की लागत से नगर पंचायत द्वारा निर्मित प्रतिमा के अनावरण में देरी को लेकर मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच चुका है।
आयोग की सख्ती और सर्वसमाज की बैठक के बाद अब भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ ने प्रशासन को 30 अगस्त तक अनावरण की डेडलाइन दी है। भीम आर्मी के बसना ब्लॉक अध्यक्ष भोजराम रात्रे और उपाध्यक्ष बालमुकुंद मिरी के नेतृत्व में मोहन ओगरे, भूपेश बारीक, देवानंद बारीक, मुकेश बारीक सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार बसना नितिन ठाकुर को कलेक्टर महासमुंद विनय कुमार लगेह के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि प्रतिमा स्थापित होने के बाद से लगातार अनावरण की मांग की जा रही है। हर बार जल्द कार्यक्रम कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन करीब तीन साल बाद भी स्थिति जस की तस है। संगठन ने कहा कि यह केवल प्रतिमा के अनावरण का विषय नहीं, बल्कि संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबा साहेब के सम्मान से जुड़ा मामला है।
14 अप्रैल को आयोग में शिकायत, कलेक्टर को नोटिस
प्रतिमा के अनावरण में देरी को लेकर बसना के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पार्षद मनोज कुमार गहरेवाल ने 14 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आयोग ने 22 अप्रैल को कलेक्टर महासमुंद को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर आयोग ने 22 मई को स्मरण पत्र जारी कर 15 दिनों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आयोग ने समय पर जानकारी नहीं देने पर वैधानिक कार्रवाई के संकेत भी दिए थे। इसके बाद नगर पंचायत सभागार में सर्वसमाज, पार्षदों, पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों की बैठक हुई। इसमें तीन साल की देरी पर नाराजगी जताते हुए अब और विलंब नहीं करने की बात कही गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर भव्य अनावरण कराने पर सहमति बनी।
नगर पंचायत ने प्रतिमा स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रुपए की स्वीकृति की जानकारी भी दी है। अब आयोग की सख्ती, सर्वसमाज की मांग और भीम आर्मी की 30 अगस्त की समयसीमा के बीच प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। भीम आर्मी ने निर्धारित तिथि तक अनावरण नहीं होने पर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब सवाल यही है कि तीन साल से ढकी बाबा साहेब की प्रतिमा को अनावरण की तारीख कब मिलेगी?