महासमुन्द: कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा कलम रख मशाल उठा आन्दोलन का शंखनाद,44 संगठन के कर्मचारी होंगे आन्दोलन में शामिल,तीन चरणों में किया जावेगा आन्दोलन

महासमुन्द। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी रवैये के विरोध में आन्दोलन की शुरुआत की जा रही है लंबित मांगों को पूरा करने में सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने तथा मांगों के निराकरण हेतु शासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु “कलम रख मशाल उठा” नाम से चरणबद्ध आन्दोलन का निर्णय लिया गया है |
इस आन्दोलन हेतु राज्य से लेकर सभी जिलों में कर्मचारी रणनीति बना रहे हैं इसी परिप्रेक्ष्य में महासमुन्द में भी फेडरेशन के जिला संयोजक श्रीमती एस चंद्रसेन के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें ये तय किया गया कि प्रथम चरण के अंतर्गत 01 दिसंबर को दोपहर 01 बजे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित होकर मशाल रैली निकालेंगे तथा जिला कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन देंगे आगे के चरणों के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए 02 दिसंबर को पुनः बैठक का आयोजन किया जाएगा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने चरणबद्ध आन्दोलन की जानकारी दी इसके अनुसार प्रथम चरण दिनांक 1/12/2020 को सभी जिला मुख्यालयों में किया जाएगा जिसमें मशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा, दूसरे चरण के अंतर्गत दिनांक 11/12/2020 को जिला मुख्यालयों में धरना एवं वादा निभाओ रैली तथा 19 दिसम्बर को तीसरे चरण में राजधानी रायपुर के धरना स्थल बूढ़ापारा में प्रांतव्यापी वादा निभाओ महारैली का आयोजन किया जाएगा |
फेडरेशन के 14 सूत्रीय मांगों के अंतर्गत लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य एवं अन्य कर्मचारी संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण, प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता, छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के बकाया एरियर्स का भुगतान, विभागों में लंबित संवर्गीय पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान एवं तृतीय समयमान वेतनमान समयसीमा में प्रदान करने, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति करने, शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत शासकीय सेवकों के परिवार को 50 लाख अनुग्रह राशि तथा कोरोना भत्ता देने, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने व सेवा से पृथक अनियमित कर्मचारियों को बहाल करने, जन घोषणा पत्र में उल्लेखित मांगों को पूरा करने, छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के मूल वेतन के आधार पर 10 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य समस्त भत्ता करने, राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने, तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत के बंधन को मुक्त करते हुए समयसीमा के भीतर अनुकम्पा नियुक्ति के समस्त लंबित प्रकरणों का निराकरण करने, चतुर्थ श्रेणी के कार्यभारित / आकस्मिक सेवा के कर्मचारियों को नियमित पदों पर पदस्थापना कर समायोजित करते हुए नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते व पेंशन देने, प्रदेश के पटवारियों को पदोन्नति एवं लैपटॉप के साथ उनके कार्यालयों में कंप्यूटर की समस्त सुविधा उपलब्ध कराने, पेंशनरों को त्वरित पेंशन भुगतान हेतु 20 वर्षों से लंबित राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित कर पेंशनरी दायित्वों का मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच बँटवारा कर सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल भारतीय स्टेट बैंक गोविन्दपुरा भोपाल से पृथक कर रायपुर छत्तीसगढ़ में स्थापित कर छत्तीसगढ़ के प्रकरणों का निपटारा करना शामिल है |
महासमुन्द में आयोजित बैठक में फेडरेशन के जिला संयोजक श्रीमती एस चंद्रसेन, सहसंयोजक टेकराम सेन, संरक्षक प्रमोद तिवारी, राजेश चन्द्राकर, रिखीराम साहू, उमेश भारती गोस्वामी, कमलेश ध्रुव, आर.के.चन्द्राकर, एस.पी.ध्रुव. संतूराम साहू, सचिव शिवकुमार साहू, सहसचिव दीपक तिवारी, कोषाध्यक्ष के.के. चन्द्राकर, प्रचार मंत्री ईश्वर चन्द्राकर, हंसराज देवांगन तथा विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्ष श्रवण सिन्हा, कृपाराम सागर, शैलेन्द्र सोनी, अनिल पटेल आदि उपस्थित हुए |
फेडरेशन में शामिल छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओम नारायण शर्मा ने बताया कि फेडरेशन द्वारा सरकार से लगातार अपने मांगों के सम्बन्ध में विगत कई महीने से चर्चा की जा रही है परन्तु सरकार के अड़ियल रवैये के कारण अब कर्मचारियों को आन्दोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है |