अंततः फसल क्षति का आकलन करने गांव पहुंचा हल्का पटवारी

विक्रम कुमार नागेश मैनपुर 06 अगस्त। गरियाबंद आखिरकार फसल क्षति का आकलन करने राजस्व विभाग के हल्का पटवारी गांव तक पहुंच करके भयंकर बारिश से नुकसान हुए खेतों का निरीक्षण व सत्यापन किया गया।ज्ञात हो, कि विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर बसा(राजापड़ाव क्षेत्र)के ग्राम पंचायत गौरगांव के आश्रित ग्राम झोलाराव मे 10 किसानों के धान की फसल भयंकर बारिश हो जाने से पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

पीड़ित किसानों के द्वारा बताया कि ग्राम झोलाराव उड़ीसा सीमा में बसा हुआ आदिवासी बाहुल्य ग्राम है। जहां पर 31जुुुलाई को भयंकर बारिश हो जाने के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। सत्य खबर ने प्रमुखता से कुछ दिन पूर्व बारिश से किसानों के फसल बर्बाद हो जाने का मूलभूत समस्याओं को प्रकाशन किया था। जिसका असर देखने को मिला।कल हल्का पटवारी के द्वारा किसानों के खेत में पहुंचकर बारिश से बर्बाद हुए फसलों का निरीक्षण व सत्यापित करते हुए क्षतिपूर्ति राशि के लिए प्रकरण बनाने की बात कही गई।
वास्तव में किसानों के मेहनत की कमाई बारिश के कारण बर्बाद हो गई है।जिसका भरपाई तो नहीं हो सकती।लेकिन कुछ हद तक मदद किसानों को शासन प्रशासन के द्वारा मिलेगी। फिलहाल किसानों के चेहरे मे रौनक दिखाई दिए।इस संबंध में क्या कहते हैं, पटवारी नरेश ध्रुव:-
मेरे द्वारा कल झोला राव गांव पहुंचकर भयंकर बारिश से किसानों के खेतों का निरीक्षण किया गया। वास्तव में 10 किसानों का फसल बर्बाद हुआ है। जिनका 6-4 के तहत क्षतिपूर्ति राशि के लिए तहसील ऑफिस मैनपुर में प्रकरण एक-दो दिनों में सौंप दी जाएगी।