महासमुंद

केंद्र ने जितनी महंगाई बढाई समर्थन मूल्य उतना भी नहीं बढा : अंकित

महासमुन्द। खल्लारी विधानसभा के मृदुभाषी जनसेवक किसानों के सच्चे हितैषी अंकित बागबाहरा ने कहा कि 2022 तक केंद्र की मोदी सरकार किसानों के समर्थन मूल्य दोगुना करने का झांसा दे रही थी और विगत सात सालों में केंद्र ने जितनी मॅहगाई बढाई है उससे कहीं कम किसानों के समर्थन मूल्य में किसी हद तक बढ़ोत्तरी नही हुई ।

अभी हाल में ही केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ोतरी की घोषणा की है.और मात्र धान में 72 रुपये की वृद्धि की है, जो कि स्वामीनाथन कमीशन के अनुसार एमएसपी दिये जाने के खिलाफ है । अंकित ने बताया कि जिस हिसाब से केंद्र सरकार ने पूरे देश में मॅहगाई बढ़ाई है उससे कृषि भी अछूता नही है, केंद्र ने खाद पर 5 प्रतिशत जी एस टी,कीटनाशक पर 18 प्रतिशत जी एस टी,ट्रेक्टर तथा खेती उपकरणों पर 12 प्रतिशत जी एस टी लगाया और तो और खाद व कीटनाशकों की कीमत में मोदी सरकार ने विगत सात सालों में 100 प्रतिशत की वृद्धि की है ।

सबसे बुरा पहलू है कि विगत 13 माह में ही डीजल की कीमत में 24 रुपये 18 पैसे की वृद्धि हुई है । जिससे सिर्फ डीजल पेट्रोल के खर्च में ही 800 रुपये एकड़ की वृद्धि हो गयी है,बढ़ती मॅहगाई में मजदुरों की मजदूरी में भी वृद्धि हुई है साथ ही साथ केंद्र द्वारा पोटास 800 की बोरी 945 50 kg,यूरिया 230 की 267 45kg,राखड़ 245 की 340 सुपर फास्फेट 50 kg में मंहगी दरों में उपलब्ध करवाई जा रही है । अंकित ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ये नही देख रही कि 50 से 70 रुपये में बिकने वाली दाल बाजार में 120 से 150 रूपये में बिकता है ।

19 रुपये किलो में बिकने वाला धान का चांवल 70 रुपये किलो में क्यों बिकता है इसका लाभ किसानों को क्यों नही मिल पाता । अंकित ने केंद्र की मोदी सरकार से मांग की कि केंद्र अगर कुछ नही कर पा रहा है तो लाये गए तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करे और सिर्फ एम एस पी पर कानून बनाये और किसानों को फसल का समर्थन मूल्य एम एस पी की गारेंटी दे । केंद्र की मोदी सरकार फिर भी कुछ न कर पाए तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा लागू गोधन न्याय योजना को पार्लियामेंट्री कमेटी द्वारा दिये सुझाव अनुसार पूरे देश में लागू करे । अंकित ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से पूरे देश में धान में सबसे ज्यादा लाभ किसानों को छत्तीसगढ़ में मिल रहा है और गोधन न्याय योजना जिसमें अब तक 1 लाख 68 हजार 531 किसानों को लगभग 100 करोड़ की राशि प्राप्त हो चुकी है और महिला स्व सहायता समूहों की लगभग 80 हजार महिलाओं को इससे स्वरोजगार मिला है । और तो और हाल ही में सहकारी समिति में अधिक कीमत पर बीके खाद के मूल्य में कमी के बाद अन्तर्राशी को किसानों को वापस दी जावेगी । मोदी की केंद्र सरकार 1 एकड़ से 5 एकड़ तक के किसानों की मात्र 6000 दे रही है वही राज्य की कंग्रेस की भूपेश सरकार 9000 से 45 हजार रुपये दे रही है ।

इन्हीं कारणों से अंकित ने कहा कि भारत देश के किसान मांग करते हैं कि स्वामीनाथन कमीशन रिपोर्ट के अनुसार, 50 प्रतिशत अधिक दाम मिले, वो भी सी2 (सी2+50) लागत के ऊपर । इसमें अंकित ने बताया कि सी2’ में खेती के व्यवसायिक मॉडल को अपनाया गया है. इसमें कुल नगद लागत और किसान के पारिवारिक पारिश्रामिक के अलावा खेत की जमीन का किराया और कुल कृषि पूंजी पर लगने वाला ब्याज भी शामिल किया जाता है । और अगर सचमुच मोदी किसानों का भला चाहते तो 2014 को किसानों की आय को दोगुनी करने का झूठा वादा नही करते 2014 में धान का समर्थन मूल्य 1360 था जो आज बढ़ी हुई महंगाई के बावजूद 1360 का आधा भी नही बढ़ा ।

Back to top button