महासमुंद: भारत बन्द को समर्थन न कर भाजपा ने अपना किसान विरोधी चेहरा जग जाहिर किया : अंकित
केंद्र की भाजपा ने 2002 में न्यूनतम समर्थन मूल्य ही नही बढ़ाया था

महासमुंद। बागबाहरा ब्लॉक कांग्रेस कमीटी ग्रामीण के प्रथम अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेसी अंकित बागबाहरा ने बताया कि आज पूरा देश जब अन्नदाता के सम्मान में बन्द को समर्थन दे रहा था और दूसरी तरफ भाजपा ने तो आज सारी हदें पार करते हुए बन्द को समर्थन करना तो छोड़,किसानों की मेहनत का उपहास उड़ाया गया और कई भाजपा के दुकानदारों व किसान विरोधियों ने जानबूच कर अपनी दुकानों को खुला भी रखा ।
अंकित बागबाहरा ने दावा किया कि भाजपाइयों की किसान विरोधी मानसिकता आज की नही है,इन्होंने माननीय प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी की सरकार के समय 2002 में किसी भी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य ही नही बढ़ाया था । 1986 के बाद ऐसा करने वाली एकमात्र सरकार रही । आज भाजपा द्वारा झूठ बोला जा रहा है कि मात्र कांग्रेस समर्थित प्रदेश के किसानों को ही उकसा कर प्रदर्शन करवाया जा रहा है, जबकि सच्चाई ये है कि हरियाणा,पंजाब,राजस्थान,महाराष्ट्र,उत्तराखंड,उड़ीसा,उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश,उत्तराखंड,पश्चिम बंगाल,आंध्रप्रदेश के किसान भी आंदोलनरत है और भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा लाये गए
तीनों कानूनों को काले कानून के रूप में देख रहे है जहां किसान बड़े व्यापारियों के हांथों की कठपुतली बना रहेगा,उसे अपने हक़ की लड़ाई में कोर्ट जाने का अधिकार भी नही रहेगा,जमाखोरी को बढ़ावा देने लाया गया ये कानून जिससे चौतरफा महंगाई बढ़ रही है,आज आलू,प्याज,तेल और पेट्रोलियम से संबंधित रोजमर्रा में उपयोग होने वाली समस्त जरूरत के सामानों का मूल्य आसमान पर है । अंकित ने भाजपा के समस्त पदाधिकारियों,सांसद,विधायकों को चुनौती दी है और मांग की है कि अगर वे वास्तव में किसान हितैषी है तो न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीदी को कानून का दर्जा दिलवाया जाए और किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य अपने वादे अनुरूप दुगुना किया जाए ।