बसना

महासमुंद/बसना: छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के तमाम दावे फैल

छिर्रालेवा सरकारी स्कूल के रसोईघर की दशा देखकर पालक व शिक्षकों में भय

मनहरण सोनवानी बसना। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों को बेहतर माहौल के बीच शिक्षा देने का तमाम दावों के साथ स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर दी है। महासमुंद जिला में सरकार के तमाम दावों उलट नजर आ रहा हैं, जिले में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत गंभीर है, कही भवन जर्जर है, तो कही स्कूल के रसोई कक्ष, शिक्षक व रसोइया को जनहानी होने का भय हमेशा बना रहता है। सरकार और अधिकारी सब जानकर भी अनजान बने बैठे है, शायद किसी बच्चे व शिक्षक के जनहानी होने के बाद भवनों में सुधार होगी।

बसना ब्लॉक के दूरस्थ अंचल में बसा छिर्रालेवा गांव जहाँ के 47 बच्चों वाला शासकीय प्राथमिक शाला भवन तो ठीक ठाक हैं, लेकिन अगर स्कूल के रसोईघर की बात करे तो पलकों व शिक्षको में भय उत्पन्न हो जाता है, और ये भय क्यो उत्पन्न होता है ये हम आपको बताते है…..! छिर्रालेवा गांव के स्कूल भवनो में दरारें व सीमेंट का उखाड़ना एक आम बात है, जिससे बरसात के दिनों में पानी का टपकना इनके लिए कोई बड़ी परेशानी नही है, बारिश होने पर स्कूलों के कई जरूरतमंद समान व कुर्सी टेबल गीले हो जाते है……! लेकिन जिस बात से पलको व शिक्षको में भय बना रहता है वो स्कूल के रसोई कक्ष, आप जानकर आश्चर्य होंगे, इतने पुराने स्कूल होने के बाद भी स्कूल में रसोई कक्ष नहीं है, लेकिन शिक्षकों द्वारा एक पुराने जमाने का भवन जो खप्पर, मिट्टी, इट, बांस, बल्ली से बना हुआ है, उसे रसोई कक्ष बनाया गया हैं,

भवन बहुत पुराना होने के कारण पूरी तरह जर्जर स्थिति में है, भवन की स्थिति अभी ऐसी है, कि कभी भी खप्पर, लड़की, धूल मिट्टी व कीड़े बच्चों, शिक्षक व रसोइया के ऊपर गिर सकता है, रसोइया भोजन पकाते समय डर डर कर पकाती है, क्योंकि जो स्थिति भवन का है जिससे कभी भी बल्लियों में घूमने वाले कीड़े, छिपकली, धूल मिट्टी आदि नुकसान दायक भोजन में न गिर जाए, अगर बच्चों के साथ कुछ भी घटना हुआ जिस पर शिक्षको व रसोइया के ऊपर कई सवाल उठेंगे। फरवरी के लास्ट में वाटर लेवल नीचे चला जाता हैं जिससे पानी की बहुत समस्या होती हैं बच्चों को बाहर पानी के लिए जाना पड़ता है।

वही स्कूल के प्रधान पाठक बीएम साहू का कहना है कि जर्जर भवन की समस्या हमारे उच्चाधिकारियों को सूचित करवा दिया गया है और उनके द्वारा आश्वासन दिया गया है आने वाले समय में आवंटन होते ही प्रमुखता से समस्या का निराकरण किया जाएगा।

Back to top button