युवाओं में बढ़ता नशा बना अपराध का सबसे बड़ा कारण, दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रहे अपराध – मोक्ष कुमार प्रधान

बसना । कांग्रेस के सक्रिय नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं में तेजी से फैलता नशा है। यही नशा अब अपराधों का जड़ बन चुका है, जिसके कारण अपराध दिन दूनी और रात चौगुनी गति से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और भाईचारा का माहौल देखने को मिलता था, वहीं अब छोटी-छोटी बातों पर गंभीर अपराध जैसे मारपीट, हत्या और विवाद आम होते जा रहे हैं। हाल ही में बसना थाना अंतर्गत इन्दरपुर (मालिडीह) में हुई हत्या हो या सांकरा थाना क्षेत्र के बड़े टेमरी में घटित हत्या की घटना दोनों ही मामलों में नशा एक प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। यह स्थिति समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक और भयावह संकेत है।
मोक्ष प्रधान ने कहा कि आज का युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है। चाहे वह शराब हो या सूखा नशा (ड्रग्स), इसका सेवन युवाओं की सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर रहा है। नशे की हालत में युवा सही और गलत का फर्क भूल जाते हैं और गुस्से, आवेश या बहकावे में आकर अपराध जैसे गंभीर कदम उठा लेते हैं।
इसका असर न केवल उनके भविष्य पर पड़ता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने आगे कहा कि नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है, जो युवाओं को इस दलदल में धकेल रहा है। यदि इस पर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो आने वाले समय में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और शासन से मांग की कि अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और ऐसे तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।
मोक्ष कुमार प्रधान ने यह भी कहा कि केवल कानून व्यवस्था मजबूत करने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। युवाओं को जागरूक करने, उन्हें खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को भी नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
अंत में उन्होंने प्रदेश के गृहमंत्री से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ को अपराध की पहचान से मुक्त कर एक सुरक्षित और विकसित राज्य बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए नशे के खिलाफ एक व्यापक और कठोर अभियान चलाया जाना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि समाज, प्रशासन और शासन मिलकर ठोस कदम उठाते हैं, तो निश्चित ही नशे और अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है