बसना

बसना: सतनामी समाज एवं संतों ने साल-श्रीफल से सम्पत का किया सम्मान, गुरु घासीदास बाबा गद्दी आसन कार्यक्रम में बनडबरी पहुंचे श्री सम्पत अग्रवाल

बसना। आश्विन मास के तृतीया तिथि को गुरु बाबा घासीदास गद्दी आसन पूजा कार्यक्रम बनडबरी (शंकरपुर) के वनांचल क्षेत्र में आयोजित किया गया. उक्त कार्यक्रम विगत दो वर्षो से किया जा रहा है।
इस अवसर पर नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संपत अग्रवाल पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए. गुरु घासीदास बाबा के तैल चित्र पर पूजा अर्चना कर द्वीप प्रज्जवलित किया गया. समाज प्रमुखों एवं संतों ने साल एवं श्रीफल से श्री अग्रवाल का स्वागत कर सम्मान किया गया.

श्री अग्रवाल ने मानव समाज व छत्तीसगढ की खुशहाली की कामना करते हुए कहा गुरु घासीदास बाबा दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया है। गुरू घासीदास बाबा के उपदेश समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को मनखे-मनखे एक समान के प्रेरक वाक्य के साथ यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य एक समान है। गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दलित-शोषित समाज को कुरीतियों, रूढिय़ों से दूर कर उनके नैतिक और चारित्रिक विकास का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। समाज के सहयोग के लिए नीलांचल सेवा समिति सदैव तत्पर रहने की बात श्री अग्रवाल ने कही.

इस अवसर पर राजमहंत छत्तीसगढ़ सतनाम समाज के प्यारेलाल कोसरिया, जिला महंत छबिलाल रात्रे, अध्यक्ष सतनामी समाज पिथौरा तरुवर कोसरिया, धनुर्जय बंजारे, श्री लाभो जाटवर, श्रीमती मेम बाई, सिंघनपुर सेक्टर प्रभारी वीरेंद्र नायक, सलडीह सेक्टर प्रभारी संतोष मांझी, परसवानी सेक्टर प्रभारी प्रमोद प्रधान, भगत देवरी सेक्टर प्रभारी किरण पटेल, बिजेंद्र प्रधान, श्वेत प्रधान, महेंद्र चौहान, रवि यादव, महावीर जी, रोहित मीरी, समारु पटेल जेवरा, गोरांगो इंद्रपुर से, प्रहलाद यादव, दुर्गा समिति युवा मंच इंदरपुर, संपत प्रधान, अमर दास, ऋतु दास, बोधन बघेल, गुण प्रसाद धृतलहरे, उसत मिरि, पिस्तो बघेल, कन्हैया, भागीरथी हिरवानी, रमानू बघेल, रोहिदास चतुर्वेदी, गणेश ओगरे, त्रिलोचन खूंटे एवं मोहन साव उपस्थित रहे।

सतनामी समाज के महिला समिति से श्रीमती फूल बाई हिरवानी, श्रीमती बाल मोती जाटवर, श्रीमती नीरमोती, श्रीमती ललिता बघेल एवं श्रीमती सलिता मीरी सहित आस पास के ग्रामवासी सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।

Back to top button