सरायपाली: जिला बनाओ संघर्ष समिति सरायपाली के द्वारा मंदिर स्कुल में आवश्यक बैठक आहूत की गई

सरायपाली: विगत दिनों जिला बनाओ संघर्ष समिति सरायपाली के तत्वाधान में मंदिर स्कूल (राम मंदिर के बाजू) में अति आवश्यक बैठक रखी गई। सरायपाली को जिला क्यों बनाना चाहिए पर सभी सदस्यों ने अपना मंतव्य दिए।जिसमें मुख्य रूप से वर्तमान जिला महासमुंद की दूरी सरायपाली से 120 कि.मी. की बहुत ज्यादा दूरी पर है छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर सरायपाली है तथा शासन द्वारा नक्सलाइट एरिया घोषित है।
विभिन्न केंद्रीय कार्यालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रशासनिक कार्यालय स्थित है। बहुत बड़ा विधानसभा होने से इस विधानसभा के अंतर्गत 109 ग्राम पंचायत एवं आश्रित गांव हैं। स्थाई जिला कार्यालय हेतु पर्याप्त शासकीय भूमि स्थित है।राजधानी सेNH-53फोरलेन सड़क किनारे स्थित है। इसका क्षेत्रफल 45 – 50 किलोमीटर के अंतराल में ग्राम पंचायत एवं आश्रित गांव आते हैं। जिला बनाने से लाभ – जिला बन जाने से सरकारी सुविधाओं का त्वरित लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिल पाएगा। कानून व्यवस्था के प्रबंधन से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा व विकास कार्यों में गति आएगी। उपभोक्ता फोरम व जिला न्यायालय तथा सभी कार्यालय बन जाने से आम जनता को होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल पाएगा।
अधिक दूरी होने की वजह से मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के लोगों को जिला तक आने-जाने में परेशानी होती थी। उनकी परेशानी दूर हो जाएगी। राजनीतिक ,भौगोलिक ,सामाजिक, आर्थिक सभी दृष्टिकोण से जिला बनाने में खरा उतरता है। परंतु छ.ग. शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री से भेंट मुलाकात के दौरान एक टुक में जिला नहीं बनेगा कहने पर सरकार की उदासीनता जाहिर होती है।
सरकार की उदासीनता से जनता आक्रोशित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। आने वाले समय में रणनीति बनाकर सकारात्मक पहल, एकजुटता के साथ, एक स्वर में सरायपाली को जिला बनाने हुंकार भरने की आवश्यकता है।: जिला बनाओ संघर्ष समिति सरायपाली द्वारा जिला बनाने के लिए ठोस कदम उठाने पर विचार -विमर्श किया। बैठक में अमृत लाल पटेल, अनिता चौधरी, जयदेव भोई ,रेखा पुरोहित, पंडित टिकेश्वर मिश्रा, किशोर कुमार रथ, कमल अग्रवाल, राजाराम पटेल ,शैलेंद्र नायक, मनोज अग्रवाल, निरुपमा देवता, जन्मजय नायक, सुंदरलाल डड्सेना, अशोक पंडा, मलेश दास महंत, राजेश प्रधान ,दुर्वादल दीप,योगेश साहू एवं समस्त सदस्य उपस्थित रहे।