महासमुंद

किसानों के प्रति भाजपा की सोंच तीन बिंदुओं पर समझी जा सकती है :: अंकित

महासमुन्द। बागबाहरा ब्लॉक कांग्रेस कमिटी ग्रामीण के प्रथम अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेसी अंकित बागबाहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्रों में 2022 तक आय दुगनी करने का वादा था जो आज भी अधुरा है , भाजपा को 15 साल में हुयी किसान आत्महत्याओं का हिसाब देना चाहिए,उसे बताना चाहिए कि पिछले 15 वर्षों में कब और कितने किसानों को 5 हासपावर पंपो की मुफ्त बिजली दी,धान में 2100 रू. समर्थन मूल्य कब कब दिया कब कब 300 रू. बोनस दिया और किसान आत्म हत्याओं पर संवेदना शून्य बनी रही भाजपा सरकार।

अंकित ने बताया कि किसानों के प्रति भाजपा और कांग्रेस पार्टी की सोच तीन बिंदुओं में समझी और समझाई जा सकती है 1) भाजपा और कांग्रेस की ऋणमाफी का अंतर 2) भाजपा और कांग्रेस की सहायता का अंतर 3) भाजपा और कांग्रेस के बीच समर्थन मूल्य का अंतर , भाजपा ने 15 बरसो विभिन्न वर्षों में मिलाकर मात्र 259 करोड़ रुपये ही किसानों का माफ किया और कांग्रेस ने सत्ता में आते ही 11270 करोड़ रुपये माफ किया । केंद्र की भाजपा सरकार 5 एकड़ तक के किसानों को सहायता राशि देती है मात्र 6000 रुपये वार्षिक और कांग्रेस की प्रदेश सरकार राजीव गांधी न्याय योजना के नाम से लगभग 10 हजार रुपये एकड़ की अतिरिक्त सहायता राशि दे रही है यानी 5 एकड़ तक में लगभग 50000 रुपये और भाजपा का 500 रुपये प्रति माह । और भाजपा का समर्थन मूल्य 1785 रुपये प्रति क्विंटल है और कांग्रेस का 2500 इस प्रकार इन तीन बिंदुओं से ही भाजपा और कांग्रेस की किसानों के प्रति सोच को समझा जा सकता है।

तीन किश्तों में मिलने वाली किसान सम्मान निधि में भी वर्तमान एवं भूतपूर्व संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, वर्तमान एवं भूतपूर्व मंत्री/राज्य मंत्री, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष के व्यक्तियों वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा । अंकित ने भाजपा से पूछा कि क्या वर्तमान एवं भूतपूर्व जन प्रतिनिधि होना क्या लाभ का पद है ? या सभी जन प्रतिनिधि संपन्न वर्ग के माने जायेंगें ? इसी पर राहुल जी द्वारा जो न्यूनतम बेसिक आय योजना लागू करने का वादा किया है, उस योजना में इन सभी कमियों को दूर करके सबसे गरीब वर्ग के हितों को संरक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गड़बड़ियों ने पहले ही इस भाजपा की केंद्र सरकार की किसानों के प्रति सोच उजागर कर दी है। भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में किसानों को फसल के लागत एवं समर्थन मूल्य पर 50 प्रतिशत का वायदा किया था। उसे पूरा किया नहीं,इस प्रकार ये बताने के लिए काफी है कि जैसे भाजपा का स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नही है उसी प्रकार किसानों को लेकर भाजपा का कोई योगदान नही है ।

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