बसना: भठोरी में निर्माणाधीन मकान तोड़ने का आरोप, 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
जमीन पर बलात प्रवेश, गाली-गलौज और मारपीट के साथ मजदूरों को भगाने का आरोप, नाबालिग बच्ची से मारपीट का भी उल्लेख

बसना। थाना बसना क्षेत्र के ग्राम भठोरी में जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मनोज कुमार यादव की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद धारा 296, 115(2), 191(2) एवं 324(2) BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। शिकायत में कुल 14 नामजद लोगों सहित अन्य साथियों पर एकराय होकर निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता मनोज कुमार यादव निवासी भठोरी ने बताया कि ग्राम भठोरी स्थित खसरा नंबर 313/2, रकबा 411.53 वर्ग मीटर भूमि उसे शासन से भूमिस्वामित्व हक में प्राप्त हुई है और उक्त भूमि का शासकीय पट्टा भी उसके पास है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह उक्त भूमि पर मकान का निर्माण करा रहा था।
आरोप है कि 28 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे विजयलाल, सियाराम पटेल, लालू पटेल, प्रमोद पटेल, विनोद पटेल, सुरेश पटेल, उदेलाल पटेल, बसंत पटेल, सुलोचना पटेल, सागर बाई पटेल, अंजन मोती पटेल, काजल पटेल, बुधियारीन बाई, देवसिंग सहित अन्य लोग वहां पहुंचे और एकराय होकर निर्माणाधीन मकान में प्रवेश कर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद मिस्त्री एवं मजदूरों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मां-बहन की अश्लील गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।
नाबालिग बच्ची से मारपीट का भी आरोप
आवेदन में शिकायतकर्ता ने बताया कि घटना के समय उसकी पत्नी विशाखा यादव और नाबालिग पुत्री भी मौके पर मौजूद थीं। आरोप है कि विनोद पटेल और रितेश पटेल ने उसकी नाबालिग पुत्री पर ईंट फेंकी तथा डंडे से मारपीट की, जिससे बच्ची डर गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके स्थान के सामने संचालित नाश्ता होटल में जलता हुआ चूल्हा फेंका गया, जिससे होटल का सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
पुराने विवाद और न्यायालयीन प्रकरण का भी उल्लेख
शिकायत में मनोज यादव ने बताया कि करीब 7-8 वर्ष पूर्व भी उक्त भूमि पर बने मकान एवं दुकान को तोड़े जाने का विवाद हुआ था। इस संबंध में विभिन्न न्यायालयों में प्रकरण चलने तथा उसके पक्ष में फैसला आने का दावा शिकायतकर्ता ने किया है। आवेदन में न्यायालय के आदेश और शासकीय पट्टे की प्रतियां संलग्न किए जाने का भी उल्लेख है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू करने के बाद विरोधी पक्ष द्वारा तहसीलदार न्यायालय में स्थगन के लिए आवेदन दिया गया था, जिसका निराकरण हो चुका था। इसके बाद निर्माण कार्य किए जाने के दौरान कथित रूप से यह विवाद हुआ।
पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।