गांधी जयंती पर तिरंगे के रंग में रंगा बरडीह, नशामुक्ति और हरियाली का लिया संकल्प
तिरंगा रैली, पौधरोपण के साथ बुजुर्गों का सम्मान, युवाओं की पहल को सराहा

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ बसना। गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम बरडीह में गुरुवार को स्वच्छता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग सिंघनपुर से भारत माता की जय और जय जवान, जय किसान के नारों के बीच मोहका से बरडीह तक तिरंगा रैली निकाली गई। ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ मुख्य अतिथि देवेंद्र बहादुर सिंह का स्वागत किया।
मुख्य चौक पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ख्यात कलाकार गुरु रोहित प्रधान ने गांधीजी का प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि देवेंद्र बहादुर सिंह ने सड़क किनारे अशोक और पाम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बरडीह में लगातार गांधी जयंती पर नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना सराहनीय पहल है।
उन्होंने गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानव सेवा के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। नशामुक्त भारत अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए निशुल्क लकी ड्रॉ कराया गया। प्रथम विजेता सिमरन प्रधान, द्वितीय रितिक प्रधान और तृतीय राजेंद्र भोई रहे। विजेताओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्रदान किए। गांव के बुजुर्गों को अंगवस्त्र और नारियल भेंटकर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि मनजीत सिंह सलूजा ने गांधीजी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बरडीह के युवाओं द्वारा नशा उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच हेमंत नायक ने की। विशिष्ट अतिथि विजय साहू, तनवीर सईद ख्वाजा, राधेश्याम पटेल, राजेंद्र गुप्ता, कमलेश अग्रवाल, संतलाल पटेल, तनुजा साहू, रोहित प्रधान, पंचानन प्रधान, दुष्कल प्रधान, रूपेश कुमार सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और युवा मौजूद रहे। संचालन दुखनाशन प्रधान तथा आभार प्रदर्शन रूपेश कुमार ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।