छत्तीसगढ़

अर्नब का असर: बारिश और तेज हवाओं ने बढ़ाई किसानों की चिंता, खेतों में बिछने लगी धान,महीनों की मेहनत पर संकट

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ रायपुर । छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बुधवार से बारिश का सिलसिला जारी है। तेज हवाओं, लगातार बारिश और घने बादलों के कारण दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बस्तर के अलाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों के साथ अब मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। राजधानी रायपुर में बुधवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। ठंडी हवाओं ने मौसम को सर्द बना दिया। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को छाते और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा।

रायपुर में दिनभर बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट
बुधवार, 28 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में चक्रवात का असर साफ दिखाई दिया। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम रहा। वहीं माना में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रा में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बस्तर संभाग में भी बारिश और तेज हवाओं का असर रहा। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री कम बताया गया। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को सामान्य अक्टूबर की तुलना में अधिक ठंडक महसूस हुई।

आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार 29 अक्टूबर को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, मुंगेली, कबीरधाम और बेमेतरा सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

मौसम विभाग का रेड और ऑरेंज अलर्ट, सतर्क रहें लोग
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनियां जारी की हैं। 29 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध IMD चेतावनी के अनुसार, गरियाबंद और कोंडागांव में अत्यधिक भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट प्रभावी था। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके चलने की आशंका जताई गई। रायपुर समेत बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर और सुकमा में भी भारी बारिश तथा तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज चेतावनी जारी हुई थी। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

चक्रवात कमजोर पड़ने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्रप्रदेश तट से आगे बढ़ने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से वातावरण में बनी नमी और चक्रवाती परिसंचरण के कारण छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि उससे जुड़े बारिश के खतरे तत्काल समाप्त हो जाएंगे। दक्षिण छत्तीसगढ़ के बाद मध्य और उत्तरी हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना इसी बदलती मौसम प्रणाली से जुड़ी है।

रायपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
चक्रवात के प्रभाव और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए रायपुर में गुरुवार, 29 अक्टूबर को स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को मौसम संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, नगरीय निकाय और बिजली विभाग को आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। निचले इलाकों, जलभराव वाले रास्तों, कमजोर संरचनाओं और बिजली लाइनों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है। रायपुर जिला प्रशासन ने सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0771-2413233 भी जारी किया है।

शुक्रवार से मौसम में बदलाव, तापमान पर पड़ेगा असर
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर से रायपुर में बारिश की तीव्रता कम होने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। रायपुर में शुक्रवार का अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के कुछ जिलों में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम की परिस्थितियां बदलने पर पूर्वानुमान में बदलाव भी संभव है।

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