डाक सेवाओं में तकनीक का विस्तार, जनसुविधाओं पर जोर
डाक चौपाल से ग्राहक संवाद तक पहल, 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक सप्ताह का समापन

हरिमोहन तिवारी रायपुर: डाक विभाग की पारंपरिक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और आम नागरिकों तक विभिन्न सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल में 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है।
सप्ताह के दौरान डाक सेवाओं के प्रचार-प्रसार, ग्राहकों से संवाद और सेवाओं में सुधार के लिए सुझाव लेने पर जोर दिया जा रहा है। इस वर्ष विश्व डाक दिवस की थीम ‘वन पोस्टल नेटवर्क, इनफिनिट पॉसिबिलिटीज’ रखी गई है।
सप्ताह की शुरुआत 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के अवसर पर हुई। इस दौरान प्रमुख डाकघरों में बैनर-पोस्टर लगाने के साथ जागरूकता रैली और रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। 12 अक्टूबर को ‘फन विद फिलाटेली दिवस’ के तहत विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रह के महत्व से परिचित कराने के लिए विभिन्न गतिविधियां हुईं। इनमें प्रश्नोत्तरी, दीनदयाल स्पर्श योजना और ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता के प्रति जागरूकता शामिल रही। इस अवसर पर ‘वॉटरफॉल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ विषय पर विशेष कैंसिलेशन कैशेट भी जारी किया गया।
डाक चौपाल से वित्तीय सेवाओं की जानकारी
13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं नागरिक केंद्रित सेवा दिवस के तहत डाक चौपाल के माध्यम से बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और आधार सेवाओं की जानकारी दी जाएगी इसमें ग्रामीण, जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
14 अक्टूबर को मेल्स एवं पार्सल्स दिवस पर ग्राहक मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें ग्राहकों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा कर डाक सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस पर डाकघरों में लागू नई तकनीकों से संबंधित प्रश्नोत्तरी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। ग्राहक सम्मेलनों के माध्यम से सुझाव लेकर सेवाओं में सुधार की दिशा में पहल की जाएगी।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अवसर पर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल प्रणव कुमार, निदेशक डाक सेवाएं सुबोध प्रताप सिंह, निदेशक डाक (लेखा) नीरू तथा पीआईबी के उप निदेशक रमेश दौलतराव जयभाये सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।