बसना

बसना: महुआ शराब पीने के बाद दो मौतें, 11 दिन बाद भी वजह अनसुलझी

एक गांव, एक शाम, दो मोटे मौत,,,,, का राज अब भी बाकी

देशराज दास बसना: बसना थाना अंतर्गत ग्राम पिताईपाली में 20 सितंबर को महुआ शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत के मामले में 11 दिन बाद भी मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। मामले में अब तक न तो कोई अपराध दर्ज हुआ है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद से गांव में महुआ शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद हो गई है लेकिन दो मौतों के बाद गांव में अब भी तनाव का माहौल है।

सभी की निगाहे जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। मृतकों में पिताईपाली निवासी रामचरण चौधरी पिता प्राणधन उम्र 55 और लैनदास पिता सोनादास उम्र 28 शामिल हैं।जानकारी के अनुसार 20 सितंबर की शाम करीब 6 बजे दोनों गांव के तालाब किनारे मंदिर के पास बैठे थे। बताया गया कि वहां महुआ शराब का सेवन करने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

परिजनों के मुताबिक, दोनों को पेट दर्द होने लगा। इसके बाद वे बेहोश हो गए। तबीयत बिगड़ने पर परिजन रामचरण चौधरी को बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम और लैनदास को कर्राभौना भंवरपुर स्थित कल्पना हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर दोनों को रायपुर रेफर किया गया, लेकिन परिजनों के अनुसार रायपुर पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है।

संदिग्ध के घर से शराब जब्त, जांच के लिए भेजी
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के घर से कम मात्रा में महुआ शराब जब्त की है। इसे जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति ने दोनों मृतकों को महुआ शराब देने से इनकार किया है। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़ी सामग्री भी जब्त की है।

शराब के नमूनों और अन्य जांच के नतीजों से मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। बसना थाना प्रभारी शरद दुबे ने बताया कि दोनों मौतों के मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव में शराब बिक्री बंद, तनाव बरकरार
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद से गांव में महुआ शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हो गई है। इसके बावजूद दोनों मौतों को लेकर गांव में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। गांव में पहले भी अवैध महुआ शराब की बिक्री को लेकर शिकायतें किए जाने के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शराब बिक्री रोकने के लिए महिला समिति गठित कर प्रयास भी किए गए थे, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

एक घर ने मुखिया, दूसरे ने कमाऊ सदस्य खोया
दोनों परिवारों के लिए यह घटना गहरा दुख छोड़ गई है। निराकार चौधरी और निरंजन शिवचरण ने बताया कि रामचरण चौधरी घर और खेती का पूरा काम संभालते थे। उनके निधन से परिवार ने अपना मुखिया खो दिया है। वहीं, सोनादास, दुखुदास और दौलतदास ने बताया कि लैनदास घर का कमाऊ सदस्य था और परिवार उसी पर आश्रित था। दोनों परिवारों में मातम पसरा है और परिजन अब भी सदमे में हैं।

11 दिन बाद भी सवाल बरकरार
दो मौतों के 11 दिन बाद भी कई सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं। क्या मौतें महुआ शराब के सेवन से हुईं? क्या शराब में कोई विषैला पदार्थ मिला था या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था? जब्त शराब की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, दो परिवार न्याय और सच्चाई की प्रतीक्षा में हैं, वहीं पूरे गांव की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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