ऑपरेशन निश्चय का बड़ा असर: महासमुंद पुलिस ने 9 माह में 10 हजार किलो गांजा पकड़ा, कीमत 50 करोड़ से ज्यादा

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ महासमुंद: ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस ने गांजा तस्करी एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विगत 9 महिने में विभिन्न प्रकरणों में कुल 10,000 किलोग्राम (करीब 100 क्विंटल) गांजा जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹50 करोड़ है, जो कि तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई किया है एवं नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार किया है।
पुलिस की सतर्कता, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं लगातार वाहन चेकिंग के जरिए तस्करी के संभावित मार्गों, संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों को नाकाम करते हुए गांजा तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की गई।
बीते 09 माह में हुई यह बड़ी जब्ती महासमुंद पुलिस की सतत निगरानी, सक्रिय रणनीति और नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का परिणाम है।
177 प्रकरणों में 501 आरोपी गिरफ्तार, 70 फरार; ₹10 करोड़ के वाहन जब्त, करोड़ों के मादक पदार्थों पर कार्रवाई-
महासमुंद पुलिस द्वारा ऑपरेशन निश्चय के तहत गांजा तस्करी एवं मादक पदार्थों के अवैध परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। तस्करी के संभावित मार्गों पर निगरानी, सघन वाहन चेकिंग, मजबूत मुखबिर तंत्र तथा एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क, कैरियर, बैकवर्ड लिंकेज और फॉरवर्ड लिंकेज की पहचान कर कार्रवाई की है। वर्ष 2026 में अब तक की गई कार्रवाई में 177 प्रकरणों में 501 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 70 आरोपी अभी भी फरार हैं। इसके साथ ही लगभग ₹10 करोड़ कीमत के वाहन जब्त किए गए हैं। गांजा तस्करी के साथ-साथ डोडा जैसे अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
501 गिरफ्तार आरोपियों में कैरियर से लेकर नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पर कार्रवाई-
महासमुंद पुलिस ने तस्करी के मामलों में केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि उसके परिवहन, स्रोत और गंतव्य तक पहुंचने वाले नेटवर्क की पड़ताल पर भी जोर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 289 कैरियर शामिल हैं। वहीं, एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के तहत बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए ओडिशा से 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त फॉरवर्ड लिंकेज की कार्रवाई में 77 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इस प्रकार पुलिस की कार्रवाई तस्करी में प्रत्यक्ष रूप से शामिल लोगों के साथ ही उससे जुड़े अन्य नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित रही है।
पांच राज्यों से बड़ी संख्या में आरोपी गिरफ्तार-
गिरफ्तार आरोपियों के राज्यवार आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ से 138, ओडिशा से 162, महाराष्ट्र से 103, मध्यप्रदेश से 73 तथा उत्तर प्रदेश से 54 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि गांजा तस्करी के मामलों में विभिन्न राज्यों के लोगों की संलिप्तता सामने आई है और पुलिस की कार्रवाई अंतरराज्यीय स्तर पर भी केंद्रित रही है।
गांजे की खेप देश के विभिन्न राज्यों में भेजने की तैयारी-
जांच में सामने आए गंतव्य संबंधी आंकड़ों के अनुसार जब्त गांजे में से सर्वाधिक 4511 किलोग्राम महाराष्ट्र, 2263 किलोग्राम उत्तर प्रदेश और 1223 किलोग्राम मध्यप्रदेश भेजा जा रहा था। इसके अतिरिक्त 179 किलोग्राम गुजरात, 264 किलोग्राम राजस्थान तथा 30 किलोग्राम हरियाणा के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इन तथ्यों के आधार पर महासमुंद पुलिस ने गांजा तस्करी के उन मार्गों और नेटवर्क पर कार्रवाई की है, जिनके जरिए मादक पदार्थों की खेप एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाई जा रही थी।
ओडिशा बना गांजा तस्करी की खेप का प्रमुख स्रोत-
जांच में जब्त गांजे की खेपों का स्रोत ओडिशा सामने आया है। स्रोत क्षेत्र के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कालाहांडी से 2679 किलोग्राम, कंधमाल से 2153 किलोग्राम, बौद्ध से 1177 किलोग्राम, रायगढ़ा से 950 किलोग्राम, बलांगीर से 791 किलोग्राम तथा सोनपुर से 872 किलोग्राम गांजा संबंधित खेपों में सामने आया है।
इसके अलावा देवगढ़ से 281.900 किलोग्राम, नुआपाड़ा से 212.170 किलोग्राम, भुवनेश्वर से 207.710 किलोग्राम, बरगढ़ से 171.788 किलोग्राम तथा अंगुल से 148.495 किलोग्राम गांजे की खेपों का संबंध सामने आया है। इन स्रोत क्षेत्रों की पहचान से तस्करी के बैकवर्ड लिंकेज की जांच को मजबूती मिली है।
बस, ट्रेन से लेकर एंबुलेंस और बाइक तक का इस्तेमाल-
गांजा तस्करी में तस्करों द्वारा परिवहन के विभिन्न साधनों का उपयोग किया गया। बस, ट्रेन, ट्रक, पिकअप, एंबुलेंस, कोरियर सर्विस के वाहन और मोटरसाइकिल जैसे साधनों से मादक पदार्थों का परिवहन किए जाने के मामले सामने आए हैं। इन प्रकरणों में करीब ₹10 करोड़ कीमत के वाहन जब्त किए गए हैं।
तस्करों द्वारा पुलिस की निगरानी से बचने के लिए गांजे को फलों, कंटेनरों के विशेष चेंबर, सब्जी परिवहन करने वाले वाहनों, पैकर्स एंड मूवर्स के सामान तथा एंबुलेंस में छिपाकर ले जाने जैसी तरकीबें भी अपनाई गईं। पुलिस की सतर्कता, वाहन चेकिंग और जांच के चलते इन तरीकों से की जा रही तस्करी को नाकाम करते हुए कार्रवाई की गई।
छह माह में 7306 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त-
महासमुंद पुलिस की लगातार कार्रवाई का असर जब्ती के आंकड़ों में भी दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार छह माह में 7,306.651 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया। माहवार आंकड़ों में जनवरी में सर्वाधिक 2,099.886 किलोग्राम गांजे की जब्ती दर्ज की गई। यह कार्रवाई तस्करी के संभावित मार्गों पर लगातार निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग को दर्शाती है।
सिंघोड़ा, कोमाखान और बसना में सर्वाधिक जब्ती-
थानावार आंकड़ों के अनुसार सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 3,325 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इसके बाद कोमाखान थाना क्षेत्र में 2,970 किलोग्राम तथा बसना थाना क्षेत्र में 2,683 किलोग्राम गांजे की जब्ती की गई। इन क्षेत्रों में की गई कार्रवाई तस्करी के मार्गों पर निगरानी और संदिग्ध वाहनों की जांच की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
गांजे के साथ डोडा पर भी कार्रवाई-
गांजा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त महासमुंद पुलिस ने अन्य मादक पदार्थों के मामलों में भी कार्रवाई की है। इस क्रम में 1,432 किलोग्राम डोडा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.14 करोड़ है, जब्त किया गया है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस की कार्रवाई केवल गांजे तक सीमित न रहकर अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर भी केंद्रित है।
जब्त गांजे का नियमानुसार नष्टीकरण-
मादक पदार्थों की जब्ती के साथ ही उनके नियमानुसार नष्टीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक 5700 किलोग्राम गांजे का नष्टीकरण किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹28 करोड़ रुपये से अधिक है। इस कार्रवाई के माध्यम से जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित और नियमानुसार निपटान की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है।
तस्करी के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई जारी-
ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल गांजे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि उसके स्रोत, परिवहन, कैरियर, आपूर्ति श्रृंखला और अंतिम गंतव्य तक जुड़े नेटवर्क की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करना है। मुखबिर तंत्र, सतत निगरानी, सघन वाहन चेकिंग और एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से पुलिस तस्करी के नए तरीकों को नाकाम करने तथा अंतरराज्यीय नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है। महासमुंद पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।