सफाई शुल्क मांगने पर विवाद, सुपरवाइजर से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप
मंदिर के पास कचरा फेंकने को लेकर हुआ विवाद, सफाईकर्मी के साथी से मारपीट के लिए कॉलर पकड़ने की शिकायत

छत्तीसगढ़ भमि न्यूज़ महासमुंद। शहर में सफाई व्यवस्था के दौरान कचरा फेंकने और सफाई शुल्क मांगने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। नगर पालिका महासमुंद में सफाई सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत जितू सोनी ने दुकानदार हेमंत बोथरा पर गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और उनके साथी सफाईकर्मी का कॉलर पकड़कर मारपीट करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
सफाई के दौरान साई मंदिर के पास मिला कचरा
शिकायतकर्ता जितू सोनी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह वह अपने साथी गोपाल सोना, अनितो कुमार, शिव दास मानिकपुरी, आलोक सोनवानी, तनूज कुमार और पार्थव सोना के साथ शहर में सफाई कार्य करने निकले थे। इसी दौरान वे हेमंत बोथरा की दुकान के पीछे पहुंचे, जहां उन्हें साई मंदिर के पास काफी मात्रा में कचरा फेंका हुआ दिखाई दिया।
जितू सोनी का आरोप है कि जब उन्होंने दुकानदार से कचरा वहां फेंकने के संबंध में बात की, तो उसने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से कहीं भी कचरा फेंक सकता है और सफाई करना उनका काम है।
सफाई शुल्क मांगने पर बढ़ा विवाद
शिकायत के मुताबिक, सफाईकर्मी कचरा एकत्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने संबंधित शुल्क जमा करने की बात कही। आरोप है कि इस पर दुकानदार ने शुल्क देने से इनकार करते हुए कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। विवाद बढ़ने पर उसने सफाईकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
जितू सोनी ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान हेमंत बोथरा ने उनके साथी अनितो कुमार का कॉलर पकड़ लिया और मारपीट करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद अन्य साथियों ने बीच-बचाव किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के समय उनके साथी मौजूद थे, जिन्होंने विवाद को देखा और सुना।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद जितू सोनी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में BNS की धारा 296 और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। प्रकरण में दूसरे पक्ष का बयान और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।