सरायपाली

सरायपाली: गोंड़ समाज 18 गढ़ में संगठनात्मक विवाद के बीच एक करोड़ रुपये के गबन के आरोपों को फुलझर राज ने बताया निराधार

राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह की छवि धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप सामाजिक प्रतिबंधों के मुद्दे पर भी बैठक में हुई विस्तृत चर्चा

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ सरायपाली। अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़, राज फुलझर की राजस्तरीय बैठक राजमहल, सरायपाली में संपन्न हुई। बैठक में 13 अक्टूबर 2026 को महासमुंद में श्रीमती बसंता ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं कलेक्टर घेराव के दौरान सोशल मीडिया पर ‘अनादि चैनल’ के माध्यम से प्रसारित वीडियो में अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़ के केंद्रीय अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं फुलझर स्टेट के राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह पर सामाजिक फंड से एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन के लगाए गए आरोपों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित समाजजनों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़ की केंद्रीय समिति के फंड में कभी भी करोड़ों रुपये की राशि रही ही नहीं है। समाजजनों के अनुसार, केंद्रीय अध्यक्ष राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह ने कभी भी समाज के फंड की वित्तीय शक्तियां अपने पास नहीं रखा और न ही समाज के फंड से किसी प्रकार का लेन-देन किया। ऐसे में उनके विरुद्ध एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन का आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत एवं निराधार है।

फुलझर राज उपाध्यक्ष पांडव नाग ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़ के पदाधिकारियों का चयन पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए महासभा के माध्यम से किया जाता है। समाज की दो दिवसीय महासभा 25 एवं 26 जून 2023 को बसना स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित हुई थी। इस महासभा में सर्वसम्मति से राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह को केंद्रीय अध्यक्ष, घासीराम माझी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा श्रीमती बसंता ठाकुर को उपाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

बैठक में आरोप लगाया गया कि इसके बाद श्रीमती बसंता ठाकुर के नेतृत्व वाले गुट द्वारा नवनियुक्त केंद्रीय पदाधिकारियों के निर्धारित शपथ ग्रहण कार्यक्रमों को बार-बार स्थगित करवाया जाता रहा। समाज की ओर से शांतिदूत भेजे जाने के बावजूद वे अंततः शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं।

 नाग ने आगे बताया कि 12 मार्च 2024 को श्रीमती बसंता ठाकुर ने पिथौरा में सामाजिक नियमावली की कंडिका 78 का उल्लंघन करते हुए अलग से महासभा आयोजित की तथा अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़ का समानांतर संगठन गठित कर स्वयं को केंद्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया। बैठक में इसे समाज में विभाजन एवं विवाद उत्पन्न करने वाला कदम बताया गया।

समाजजनों ने कहा कि उनकी दृष्टि में राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह के नेतृत्व वाली केंद्रीय समिति ही सामाजिक नियमावली के अनुरूप गठित समिति है। इसी आधार पर समानांतर संगठन की अध्यक्ष के रूप में श्रीमती बसंता ठाकुर को केंद्रीय समिति के कोष एवं वित्तीय स्थिति के संबंध में जानकारी लेने का अधिकार नहीं हो सकता।

बैठक में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार के आरोपों से राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह की सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इन आरोपों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने की आशंका भी जताई।

बैठक में समाजजनों ने 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं कलेक्टर घेराव के दौरान श्रीमती बसंता ठाकुर द्वारा राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह के नेतृत्व वाले संगठन पर सामाजिक प्रतिबंध लगाए जाने के संबंध में लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सामाजिक प्रतिबंध समानांतर संगठन की ओर से लगाए गए हैं तथा इन प्रतिबंधों के कारण कई तयशुदा विवाह टूट गए हैं। इसके अलावा दशगात्र, छट्ठी सहित विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में रिश्तेदारों के आने-जाने और उन्हें निमंत्रण देने से रोकने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इस प्रकार की परिस्थितियों के कारण समाज के अनेक लोग प्रभावित एवं प्रताड़ित हो रहे हैं। समाजजनों ने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और पारिवारिक संबंधों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में केन्द्रीय अध्यक्ष राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह, फुलझर राज कार्यकारी अध्यक्ष कमल नेताम, उपाध्यक्षद्वय पांडव नाग, करतार जगत, कोषाध्यक्ष गणेश कुमार सिदार, संगठन मंत्री कुंजल सिदार, सचिव परमानंद नागेश, सहसचिव ललित दीवान, कार्यसमिति के सदस्यगण बनमाली जगत, लखेसिंह बाघ, रुपसिंह सिदार, सर्कल अध्यक्षगण श्याम चरण सिदार, गोरेलाल सिदार, पुनीत राम सिदार, महावीर कश्यप, विद्याधर सिदार, गंगाराम सिदार, सफेद बाघ, हिरण सिदार, विजय सिदार, सर्कल सचिवगण सुभाष सिदार, नयन सिदार, कुमेर सिंह नेताम, समुल नाग, बनाउराम दीवान, बोधसिंह सिदार, सुरीत नेताम आदि बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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