रायपुर: धान खरीदी से पहले गिरदावरी पर सरकार सख्त, पटवारियों की हड़ताल को लेकर राजस्व मंत्री का दो टूक संदेश
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा बोले- गिरदावरी का काम बेहद जरूरी, पटवारी संघ से अब तक नहीं हुई बातचीत; 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच धान खरीदी से पहले होने वाली गिरदावरी और फसल सत्यापन को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियां चल रही हैं और ऐसे समय में गिरदावरी का काम समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है।
पटवारी संघ 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संघ की ओर से फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे PV ऐप की तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं, ऐप के बहिष्कार को लेकर हुई कार्रवाई तथा अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध किया जा रहा है। हड़ताल के कारण गिरदावरी, फसल सत्यापन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
धान खरीदी के लिए गिरदावरी क्यों अहम
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि धान खरीदी का समय नजदीक है और इस प्रक्रिया में फसल से संबंधित सही एवं अद्यतन जानकारी महत्वपूर्ण है। गिरदावरी और डिजिटल फसल सर्वे के माध्यम से खेत एवं फसल की स्थिति का सत्यापन किया जाता है। सरकार का कहना है कि इससे धान खरीदी की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और संभावित गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है।
पटवारी संघ से अब तक नहीं हुई बातचीत
हड़ताल को लेकर राजस्व मंत्री ने कहा कि अभी तक पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बातचीत नहीं हुई है। वहीं पटवारी संघ अपनी मांगों और PV ऐप से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़ा हुआ है। इससे सरकार और पटवारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
किसानों पर पड़ सकता है सीधा असर
पटवारियों की हड़ताल लंबी खिंचने पर गिरदावरी, फसल सत्यापन और किसान पंजीयन जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ने की आशंका है। इसी वजह से सरकार के सामने एक ओर पटवारियों की मांगों का समाधान करने और दूसरी ओर समय पर गिरदावरी पूरी कराने की चुनौती है।
फिलहाल सभी की नजर सरकार और पटवारी संघ के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकलता है तो धान खरीदी से पहले गिरदावरी का काम पूरा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।