बसना में 16 से 24 जनवरी को ऐतिहासिक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का होगा आयोजन पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित पूर्व मंत्री भी शामिल होंगे।
विधानसभा के 25 हजार महिलाएं पीला वस्त्र परिधान के साथ कलश यात्रा में शामिल होकर कलश यात्रा को विश्व कीर्तिमान स्थापित करेंगे

- श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में उत्तरप्रदेश के कथावाचक श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी कराएंगे कथा का रसपान
बसना। सर्व समाज श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति एवं क्षेत्रवासी बसना विधानसभा द्वारा आगामी 16 से 24 जनवरी तक नगर के दशहरा मैदान पदमपुर रोड़ बसना में होने वाले ऐतिहासिक श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह कार्यक्रम के आयोजन के रूपरेखा के बारे कार्यक्रम के संयोजक एवं नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संपत अग्रवाल ने बताया कि 16 जनवरी से बसना के दशहरा मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कथावाचक परम् श्रध्येय श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी का आगमन बुलंदशहर उत्तर प्रदेश से हो रहा है। श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी का जन्म उत्तरप्रदेश के बुलन्दशहर जिले के खानपुर नाम के स्थान पर हुआ।
वे बाल्यकाल से की बहुत ही आध्यात्मिक है। भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर उनका बहुत बड़ा शोध है। उनके द्वारा लिखे एवं गाये हुए अनेक गीत, कविताएं देशभक्ति गीत व आध्यात्मिक भजन देश भर में प्रचलित है। भारत के बड़े-बड़े महानगरों में आध्यात्मिक विषयों पर बाल्यकाल से ही आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य उनके द्वारा निरन्तरकिया जा रहा है।
इस दौरान 16 से 24 जनवरी 2023 तक दोपहर 03 बजे से शाम 07 बजे तक भक्तों को भगवान की कथा का रसपान कराएंगे। माघ कृष्ण पक्ष 09 सोमवार 16 जनवरी को प्रातः 09 बजे कलश यात्रा में बसना विधानसभा 25 हजार महिलाएं सभी पीला वस्त्र परिधान धारण कर भव्य कलश यात्रा में शामिल होकर कलश यात्रा का विश्व कीर्तिमान स्थापित करेगें। इसके पूर्व नीलांचल सेवा समिति द्वारा आयोजित हरिनाम संकीर्तन में 20 मई 2018 को 30 हजार लोगों एक साथ हरिनाम संकीर्तन नाम लेने एवं मृदंग वादन में दो-दो विश्व कीर्तिमान स्थापित कर बसना का नाम सुनहरे अक्षर विश्वपटल पर दर्ज किया जा चुका है।
कलश यात्रा का शुभारंभ हाई स्कूल मैदान से होतेहुए नगर भ्रमण कर कथा स्थल दशहरा मैदान पर समाप्त होगी। इस दौरान 51 कीर्तन दल, बैंड पार्टी एवं डीजे शामिल होगी। नगर के चौक, चौराहों सहित विभिन्न जगहों में कलश यात्रा में शामिल भगवान के रथ, महाराज एवं कलश यात्रियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया जावेगा।
माघ कृष्ण पक्ष 10 मंगलवार 17 जनवरी कथा के पूर्व बसना विधानसभा के सभी समाज प्रमुखों का सम्मान किया जावेगा। तत्पश्चात परम पूज्य हिमांशु कृष्ण भारद्वाज भागवत महात्म्य, वृंदावन में नारद भक्ति संवाद, धुंधकारी का मोक्ष कथा वाचन करेंगे इसी प्रकार माघ कृष्ण पक्ष 11 बुधवार 18 जनवरी भगवान शंकर का पार्वती को भागवत सुनाना, शुकदेव जन्म, महाभारत खंड, परीक्षित जन्म माघ कृष्ण पक्ष 12 गुरुवार 19 जनवरी को परीक्षित को श्राप, शुकदेव आगमन कपिल देवहुति संवाद, ध्रुव चरित्र माघ कृष्ण पक्ष 13/14 शुक्रवार 20 जनवरी को प्रहलाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार, राम कथा, श्री कृष्ण जन्मोत्सव, माघ अमावस्या शनिवार 21 जनवरी को नंदोत्सव, भगवान शंकर का श्री कृष्ण के दर्शन करना, बाल लीला, माखन चोरी, गोवर्धन लीला, माघ शुक्ल पक्ष । रविवार 22 जनवरी को गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, रासलीला, भगवान शंकर जी का रासलीला में आना, रुक्मिणी विवाह, माघ शुक्ल पक्ष 2 सोमवार 23 जनवरी को श्री कृष्ण के विवाह का वर्णन, जरासंघ उद्धार, सुदामा चरित्र माघ शुक्ल 3 पक्ष मंगलवार 24 जनवरी पूर्णाहुति और महाभंडारा कर समापन किया जावेगा।
कार्यक्रम का तैयारी समाप्ति की ओर है तैयारी जोरों शोरों से चल रही है। बसना नगर के चारों प्रवेश द्वार सहित पूरा नगर नगर में झंडा, फ्लैक्स, तोरण की सजावट युद्धस्तर पर जारी है। कथा स्थल में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ होने की संभावना को देखते हुए 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था टेंट, डोम की गई है। श्रीमद् भागवत कथा का प्रचार प्रसार पोस्टर बैनर नगर के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों बसना विधान सभा प्रत्येक गांव लगाया गया है। इसके अलावा विधानसभा में 40000 अधिक घरों में चावल, सुपाड़ी, के साथ निमंत्रण दिया गया है।
प्रतिदिन भागवत कथा के पश्चात प्रत्येक श्रद्धालु के लिए भण्डारा प्रसाद की व्यवस्था किया गया है। भागवत कथा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित पूर्व मंत्री एवं भाजपा के पदाधिकारी गण शामिल होंगे। भागवत कथा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित पूर्व मंत्री एवं भाजपा के पदाधिकारी गण शामिल होंगे। अंत मे बसना विधानसभा के सभी लोगो को कार्यक्रम की सफलता के सफलता लिए अपना शत प्रतिशत योगदान देते हुए श्रीमद्भागवत भागवत कथा पुण्य का भागीदारी होने की अपील की।