फसल बीमा महासमुंद जिले के और अटके है लगभग 20 करोड़ रुपये : अंकित

महासमुंद/बागबाहरा. खल्लारी विधानसभा के सच्चे जन सेवक,युवा मृदुभाषी,सर्व समाज के हितैषी अंकित बागबाहरा ने बताया कि लगभग डेढ़ महीनों के प्रयास से महासमुंद जिले में केंद्रीय जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों का फंसा पैसा जो कि एग्रिकल्चर इन्सुरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के द्वारा गलत आई एफ एस सी कोड ओ व जीरो के कारण अटका हुआ था वो बहुत प्रयासों से आ तो गया परंतु वो भी अधूरा ।
अंकित बागबाहरा ने बताया कि लगातार खल्लारी विधानसभा के साथ साथ सांकरा पिथौरा बसना के किसानों से फसल बीमा को लेकर चर्चा चल रही है जिसमें बीमा कंपनी के द्वारा प्राप्त पैसे को लेकर कई बातें सामने आ रही है । जिसमें सबसे प्रमुख व पहली बात है कि राष्ट्रीय कृत बैंकों और सहकारी बैंकों में बीमित किसानों को मिल रही राशि में काफी अंतर है जिसका उदाहरण देते हुए अंकित बागबाहरा ने बताया कि जहां एक तरफ़ सहकारी बैंक के कुल एक लाख 58 हजार 425 रकबे में मात्र 44 करोड़ मील है वहीं राष्ट्रीय बैंको के मात्र 31 हजार 35 रकबे में 23 करोड़ 44 लाख रुपये मीले है ।
दूसरी बात है कि किसी ग्राम मे सिंचित किसानों को फसल बीमा मिल रहा है तो सभी बीमित सिंचित किसानों को नही मिल रहा है, कहीं किसी बैंक के सिंचित किसान को मिल गया तो दूसरे बैंक के सिंचित किसान को नही मिल रहा है । कहीं किसी ग्राम में सिंचित असिंचित दोनों किसानों को फसल बीमा मुआवजा मिल रहा है तो सभी बीमित किसानों को नही मिल रहा है जो को असंभव और किसानों के साथ सीधे सीधे छलावा व धोखा है । जिसका की उदाहरण बसना शहर,मोहन्दी,तरपोंगी, बोडरीदादर,मोखा,आदि में प्रमाणित हो चुका है ।
तीसरा कंपनी के द्वारा फसल बीमा का लाभ प्राप्त किए स्वीकृत किसानों की सम्पूर्ण और सहीं सूची भी किसी भी कार्यालय में उपलब्ध ना कराया जाना भी कई संदेहों को जन्म देता है । और जो 44 करोड़ की सूची प्राप्त भी हुई है उसके भी समस्त किसानों को आज पर्यन्त तक राशि की प्राप्ति नही हुई है । अंकित ने कंपनी से चर्चा कर तत्काल सूची को सुधार व सभी बीमित व लाभान्वित कृषकों की सूची जारी करने की मांग की है व इस संबंध में महासमुंद डी डी ए श्री एस आर डोंगरे को भी वस्तु स्थिति से स्वगत करवाते हुए आवश्यक कार्यवाही की मांग की है । अंकित ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पूरे जिले में कम से कम 20 करोड़ रुपये की राशि फसल बीमा के परिपेक्ष्य में और प्राप्त होगी ।
अंकित ने बताया कि बीमा कंपनी के इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है जो कभी भी विस्फोटक रूप ले सकती है जिसकी की सम्पूर्ण जवाबदारी फसल बीमा कंपनी की होगी, अतः बीमा कंपनी को चाहिए कि सभी बीमित कृषकों को सूची बध्ध करे और लाभ पाए सभी कृषकों की सूची पृथक से जारी करे व सभी फसल बीमा का लाभ पाए कृषकों के खातों में पैसे हस्तांतरित करे अन्यथा कृषक साथी कंपनी के विरोध मे धरना प्रदर्शन करने से भी नही चुकेंगे ।।