महासमुंद

महासमुंद: खैर लकड़ी तस्करी सिंडिकेट पर महासमुंद पुलिस का बड़ा प्रहार, अब तक 3.61 करोड़ रुपये नकद जब्त

हरिद्वार से फरार आरोपी संजय छापरिया गिरफ्तार, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर 95 लाख रुपये और बरामद; 70 टन खैर लकड़ी व एक करोड़ के वाहन भी जब्त

छत्तीसगढ़ भूमि न्यूज़ महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी के जरिए कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में लगातार दबिश देकर पुलिस अब तक गिरोह से जुड़े आरोपियों और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद जब्त कर चुकी है। वहीं, कार्रवाई के दौरान 70 टन अवैध खैर लकड़ी और करीब एक करोड़ रुपये कीमत के नौ वाहन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस की ताजा कार्रवाई में खैर लकड़ी के अवैध कारोबार से अर्जित 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद की गई है। इसमें ओडिशा के बरगढ़ स्थित आरोपी संजय छापरिया के आवास से 45 लाख रुपये, उसके सहयोगी टैक्स कंसल्टेंट के घर से 15 लाख रुपये तथा हिमाचल प्रदेश के एक अन्य ठिकाने से 35 लाख रुपये शामिल हैं।

हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी
खैर लकड़ी के अवैध कारोबार में प्रतिस्पर्धा और आपसी रंजिश के चलते सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार मुख्य आरोपी संजय छापरिया को महासमुंद पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ सिंघोड़ा थाना में अपराध क्रमांक 87/2026 दर्ज है। वैधानिक प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे महासमुंद लाया गया।

पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर बरगढ़ में दबिश दी गई। यहां आरोपी के आवास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा, आरोपी द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट के पास रखवाए गए 15 लाख रुपये भी 22 अक्टूबर को जब्त किए गए।

हिमाचल प्रदेश में भी लगातार कार्रवाई
महासमुंद पुलिस की टीम ने हिमाचल प्रदेश में उन ठिकानों पर भी कार्रवाई की, जहां गिरोह के सदस्यों को अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता मिलने की बात सामने आई। पुलिस इससे पहले हिमाचल प्रदेश में विभिन्न ठिकानों से 1 करोड़ 70 लाख रुपये जब्त कर चुकी थी। हालिया कार्रवाई में एक अन्य ठिकाने से 35 लाख रुपये और बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, अब तक इस संगठित गिरोह से जुड़े आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से कुल 3,61,52,880 रुपये की नकदी जब्त की जा चुकी है।

फर्जी एनओसी से लकड़ी परिवहन का मामला
खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी के मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर 9 जुलाई 2026 को पिथौरा थाना में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़ा है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है।

70 टन लकड़ी और नौ वाहन जब्त
महासमुंद पुलिस के मुताबिक, अंतरराज्यीय गिरोह के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा, पांच भारी मालवाहक वाहन, तीन कार और एक पिकअप सहित कुल नौ वाहन जब्त किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस अब जब्त की गई 3.61 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत कुर्की की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। मामले में गिरोह के आर्थिक नेटवर्क, सहयोगियों और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

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