विदेशी मदिरा दुकान बसना में मारपीट, नौकरी से निकाले गए 5 कर्मचारी – SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
आबकारी निरीक्षक और प्लेसमेंट एजेंसी पर गंभीर आरोप, SDM के आदेश का उल्लंघन

बसना/महासमुन्द (छ.ग.)। तहसील बसना के गढ़पटनी रोड स्थित विदेशी मदिरा दुकान बसना में नियुक्त 5 कर्मचारियों को बिना किसी गलती के नौकरी से निकालने का मामला तूल पकड़ चुका है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
कर्मचारियों का आरोप है कि नव नियुक्त आबकारी उप निरीक्षक अनिल कुमार झरिया और रायपुर की इगल हंटर प्लेसमेंट एजेंसी के अधिकारी आलोक गुप्ता ने मिलकर झूठा आरोप लगाते हुए उन्हें दुकान से बाहर कर दिया।
25 जुलाई 2025 को निरीक्षण के दौरान दुकान में किसी भी प्रकार की राशि की कमी नहीं मिलने के बावजूद जबरन ₹67,380 की घटती बताकर कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। जबकि उक्त राशि दुकान में ही जमा थी, इसका ब्यौरा भी अधिकारियों को दिखाया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि SDM बसना द्वारा जारी स्टैंडिंग लेटर में स्पष्ट निर्देश था कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक किसी भी कर्मचारी को नौकरी से अलग नहीं किया जाए। इसके बावजूद आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया।
5 अगस्त 2025 को आलोक गुप्ता कथित तौर पर 7-8 बाउंसरों के साथ दुकान पहुंचा और सुपरवाइजर देवप्रसाद
बरिहा से मारपीट की। गाली-गलौज कर जातिगत अपमानित किया गया और धमकी दी गई कि “तुम आदिवासी-सतनामी लोग कभी नहीं सुधरोगे, मैं सबको नौकरी से निकलवा दूंगा।” शाम तक दुकान में डरा-धमकाकर 4 नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं, पुलिस थाने के कुछ अधिकारी भी एफआईआर वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
पीड़ित कर्मचारियों ने मांग की है कि –
दोषियों पर SC/ST एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
सभी को वापस नौकरी में बहाल किया जाए।
प्लेसमेंट एजेंसी की मनमानी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कोशिशों पर तत्काल प्रतिबंध लगे।