वायरल खबर बसना: स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक बसना विवादों के घेरे में,अमित अग्रवाल ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी,आखिर क्यों प्रति हजार 10 रुपए का शुल्क लिया जा रहा?

बसना: देश में भारतीय स्टेट बैंक की हजारों शाखाएं एवं ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं उन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद जिले का बसना शाखा. वर्तमान समय में बसना शाखा के अंतर्गत बसना, सांकरा, पिरदा, बम्हनी,भुकेल, गिधली एवं गढ़फुलझर में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं जिनमें से अधिकांश ग्राहक सेवा केंद्र संचालक बैंक के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए काम कर रहे हैं.
प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए अमित अग्रवाल ने बताया जहां बैंक के नियमानुसार प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत नि:शुल्क खाता खोला जाने का प्रावधान होने के बावजूद 200 रुपए तक का शुल्क लिया जा रहा है, वहीं पैसे जमा निकासी करने पर भी प्रति हजार 10 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है. ईकेवायसी सर्टिफिकेट प्रिंट करने का शुल्क 30 रुपए लिया जा रहा है.
अमित अग्रवाल ने बताया की बैंक ने पुस्तम निषाद को बिटांगीपाली, शीला कैवर्त को पिलवापाली,आकाश बारीक को बड़े टेमरी, हेमकांती पटेल को बोहारपार लोकेशन में काम करने की अनुमति प्रदान की है परंतु नियमों के विपरीत पुस्तम निषाद द्वारा झगरेनडीह में शीला कैवर्त द्वारा गिधली में,आकाश बारीक द्वारा सांकरा में तथा हेमकांती पटेल द्वारा एक साथ 2 लोकेशन पिरदा एवं भूकेल में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन किया जा रहा है.
अमित अग्रवाल ने बताया इन बातों की जानकारी भारतीय स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक बसना मोहम्मद शेख आदिल होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है.जनधन खाता खोलने, रकम जमा या निकासी का शुल्क लेने बैंक के नियमों के विपरीत होने के साथ साथ दंडनीय अपराध होने के बावजूद ग्राहक सेवा केंद्र संचालक धड़ल्ले से ऐसा कर पा रहे जिससे ये प्रश्न खड़ा हो रहा है की शाखा प्रबंधक बसना द्वारा कार्यवाही करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है.
अमित अग्रवाल ने बताया यदि ऐसा हो तो यह गंभीर जांच एवं चिंता का विषय है स्टेट बैंक शाखा बसना पहुंचने वाले ग्राहकों को खाता खोलने, पैसे जमा/निकासी करने, ईकेवायसी सर्टिफिकेट प्रिंट करने, पासबुक प्रिंट करवाने ग्राहक सेवा जाने को बोला जाता है जिससे ग्राहक ये सोचने पर मजबूर हो रहे हैं की बैंक ने इन्हें सेवा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया है या ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों के काली कमाई का जरिया बनाया गया है? ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों द्वारा बैंक से बैरंग लौटे ग्राहकों को सेवा के नाम पर लूट रहे हैं. बसना शाखा से लगे हुए एटीएम मशीन को भी सिर्फ बैंकिंग समय में ही खोला जाता है उसमें भी ज्यादातर समय नकदी नहीं होने के कारण ग्राहकों को परेशानी होती है और ग्राहक मजबूरन ग्राहक सेवा केंद्र जाकर लूट के शिकार हो रहे हैं.
आगे अमित अग्रवाल ने बताया बसना शाखा में खाते में आधार लिंक करने मोबाईल नम्बर लिंक /परिवर्तन करने हेतु ग्राहकों को बार बार बुलाया एवं घंटों बैठाया जाता है तथा शाखा प्रबंधक द्वारा उनसे अभद्र व्यवहार किया जाता है. इतना ही नहीं शाखा में किसी भी दिन सभी कर्मचारी उपलब्ध नहीं होते तो अधिकांश कर्मचारी ड्युटी टाईम में भी नदारद रहते हैं.
अमित अग्रवाल ने आगे कहा की बैंक के उच्च अधिकारी उक्त बातों से अनजान हैं? या उनको भी कमिशन पहुंचाया जा रहा है ये जांच का विषय है. उपरोक्त समस्याओं को लेकर जनता की मांग है की ऐसे ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों की आईडी तुरंत बंद की जानी चाहिए जो गलत लोकेशन पर काम कर रहे हैं.
- इस संबंध में जानकारी के लिए हमने बसना एसबीआई ब्रांच मैनेजर मोहम्मद शेख आदिल को फोन के माध्यम से जानकारी ली उन्होंने कहा कि मेरे आने से पहले तीन आईडी बंद है और आगे की जानकारी के लिए स्टेट बैंक आने की बात कही.
- इस संबंध में हमने पुरुषोत्तम निषाद को फोन के माध्यम से बात किया उन्होंने बताया कि उनका पहले लोकेशन बिटांगीपाली में था अभी झगरेनडीह में है उन्होंने बताया की पूर्व में एसबीआई ब्रांच मैनेजर को लोकेशन चेज करने के लिए आवेदन किया है.
- इस संबंध में जानकारी के लिए हमने आकाश बारीक को फोन के माध्यम से संपर्क किया लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ रहा.
- हमने फोन के माध्यम से हेमकांति पटेल से बात किया उन्होंने बताया कि मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सब गलत है मुझे फसाने की साजिश है
- इस संबंध में जानकारी के लिए हमने शीला कैवर्त को फोन के माध्यम से संपर्क किया लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ रहा.