बसना

पटवारी निवास से तहसील कार्यालय का फर्जी सील बरामद, किसान किताब में फर्जीवाड़ा मामले में हल्का नंबर 33 के पटवारी हरिशंकर नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित

महासमुंद/बसना. किसान किताब में फर्जीवाड़ा मामले में हल्का नंबर 33 के पटवारी हरिशंकर नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा हल्का नंबर 20 के पटवारी उग्रसेन चौहान से जवाब तलब किया गया है. नायक और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है.

तहसीलदार की टीम ने हल्का नंबर 33 के पटवारी के कार्यालय सह गृह निवास से तहसीलदार, नायब तहसीलदार न्यायालय अधीक्षक भू अभिलेख महासमुंद की सील और 28 नग किसान किताब, किसान संधारित पंजी बरामद की है. फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पंजीयन के फार्म में हस्ताक्षर के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ किसान तहसील में उपस्थित हुए थे.

जानकारी के मुताबिक 8 अक्टूबर 2020 को तहसील बसना के किसान भठोरी निवासी मनोज पटेल पिता वृजलाल पटेल, खटखटी निवासी पदुम पिता सुखरू किसान पंजीयन के फार्म में तहसीलदार बसना एवं किसान कर्राभौना निरंजन पिता लालसाय ने किसान पंजीयन के फार्म में नायब तहसीलदार बसना के हस्ताक्षर हेतु आवश्यक दस्तावेज के साथ उपस्थित हुए थे.

मनोज पटेल ने प्रस्तुत दस्तावेजों में उनके द्वारा किसान किताब क्रमांक पी- 2915153, 2915155 प्रस्तुत किया था. उक्त किसान किताब में तत्कालीन तहसीलदार बसना का हस्ताक्षर संदिग्ध प्रतीत होने के कारण उक्त किसान किताब के संबंध में जांच की और किसान से पूछताछ की. पूछताछ में किसान ने बताया कि किसान किताब हरिशंकर हल्का पटवारी द्वारा 3-4 माह पूर्व दिया गया था.

जिसमें पाया गया यह किसान किताब हल्का पटवारी ने 20 सितम्बर 2018 को जारी गया है और किसान किताब के पृष्ठ क्रमांक 12 अधिकार अभिलेख में तब्दीलात 08 में हल्का पटवारी ने वर्ष में 2018-19 तथा तब्दीलातों के विवरण में आपसी खाता विभाजन के कारण नामांतरण क्रमांक 20 आ.दि. वर्ष 20 सितम्बर 2018 उल्लेखित किया गया है.

किन्तु कानूनगो शाखा तहसील बसना से जारी किसान किताब पंजी का अवलाकन करने के पश्चात किसान किताब क्रमांक पी- 2915153, 2915155 दिनांक 30 सितम्बर 2019 को हरिशंकर नायक हल्का पटवारी नंबर 33 को प्रदान किया गया था. अतः किसान किताब क्रमांक पी- 2915153, 2915155 में दिनांक 20 सितंबर 2018 को हल्का पटवारी द्वारा हस्ताक्षरित किया जाना संभव नहीं है.

इसी तरह खटखटी के किसान पदुम का किसान किताब क्रमांक पी- 2803949 में तत्कालीन तहसीलदार बसना का हस्ताक्षर संदिग्ध प्रतीत होने के कारण जांच की गई जिसमें पाया गया कि उक्त किसान किताब हल्का पटवारी द्वारा 08 अक्टूबर 2019 को जारी किया गया है एवं किसान किताब के पृष्ठ क्रमांक 12 अधिकार अभिलेख में तब्दीलात में हल्का पटवारी द्वारा वर्ष 2019-20 तथा तब्दीलातों के विवरण में विरासत हक से नामांतरण के

क्रमांक 08 आ.दि. 08/10/2019 उल्लेखित किया गया है तथा कानूनगो शाखा बसना से जारी किसान किताब पंजी के अवलोकन करने पर उक्त किसान किताब क्रमांक पी- 2803949 तहसील बसना से जारी नहीं किया गया है तथा कर्राभौना निवासी निरंजन का किसान किताब क्रमांक पी 2915524 में तत्कालीन तहसीलदार बसना का हस्ताक्षर संदिग्ध प्रतीत होने के कारण उक्त किसान किताब के संबंध में जांच की गई.

किसान किताब क्रमांक पी-2915524 कानूनगो शाखा तहसील बसना से हल्का पटवारी उग्रसेन चौहान को अक्टूबर 2019 में दिया गया है हल्का पटवारी द्वारा कृषक निरंजन पिता लालसाय को जारी किया गया है. उक्त किसान किताब में लक्ष्मण मिश्रा सेवानिवृत्त (दिनांक 31/12/2018) तहसीलदार बसना का हस्ताक्षर अंकित है. इस संबंध में प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली को तहसीलदार बसना द्वारा भेजा गया. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के निर्देशानुसार तहसीलदार बसना एवं संयुक्त टीम द्वारा हरिशंकर नायक पटवारी हल्का नंबर 33 के कार्यालय सह गृह निवास का निरीक्षण एवं जांच की गई.

  • इस संबंध में बसना थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर ने बताया कि मामले में 420 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की कार्यवाही की जा रही है.
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