भंवरपुर के विवादित अवैध काम्प्लेक्स के कब्ज़ाधारियों को नायब तहसीलदार का नोटिस…

देशराज दास भंवरपुर/बसना: ज्ञात रहे की ग्राम भंवरपुर मे तालाब के किनारे पाट कर और तालाब के भीतर पिलर उठा के बड़ी चालाकी से एक लम्बे चौड़े कांम्प्लेक्स का निर्माण किया गया था, सूत्रों के अनुसार तत्कालीन सरपंच द्वारा अपने परिचितों से मिलीभगत कर समिति के नाम पर कांम्प्लेक्स बना के अपने ही लोगो के बिच 30 से 40 दुकानों को बाँट दिया था बाद मे उन्ही लोगो ने दुकान मनमाने भाव मे अन्य लोगो को बेच दिया गया।
इसी तरह दुकान एक से दूसरे को बेचते रहे, ज्ञात रहे शासकीय भूमि को खरीदना बेचना दोना अपराध है लेकिन भंवरपुर पटवारी प्रतिवेदन मे स्पष्ट है की दुकानों की खरीदी बिक्री हुई यहाँ तक शासकीय मद से बने काम्प्लेक्स की भी खरीदी बिक्री हो रही है जो की जाँच और कार्यवाही का विषय है, खैर वर्तमान मे खड़े लगभग, 55 कमरों के कांम्प्लेक्स के बारे मे पता चला की भंवरपुर के कुछ संपन्न वर्ग के लोगो के बिच दुकाने बाँट दी गई है और उनके द्वारा इन दुकानों का किराया उठाया जा रहा है।
वर्षो बाद लिंक कोर्ट नायब तहसलीदार भंवरपुर साहसिक कार्य लगभग 15 साल से खड़े काम्प्लेक्स पर आज पर्यन्त कोई जाँच एवं कार्यवाही नहीं हुई लेकिन वर्तमान नायाब तहसीलदार द्वारा सभी कब्ज़ाधारियों को नोटिस दिया गया है देखना है आगे क्या कार्यवाही होती है
सूत्रों के अनुसार अधिकांश कब्जे स्वयं के व्यवसाय के नाम पर हुए थे लेकिन वर्तमान मे या तो किराये पर है या बिक चुके है।
प्राचीन महत्व का तालाब वर्तमान मे अपना अस्तित्व खो चूका है-
ग्रामीणों ने बताया की भैना राजवंश की कहानी बताता रानी सागर तालाब की वदन्ति है की इस तालाब मे पहले भैना राजवंश की महरानी स्वयं अपने स्नान के उपयोग करती थी कुछ दस साल पहले चारो तरह चार नहाने के घाट होते थे सब को तोड़ के काम्प्लेक्स का निर्माण कर दिया गया है जिससे तालाब मे निस्तारी अलगभग समाप्त हो चुकी है.