बसना

बसना : नगर पंचायत अधिकारियों के लिए सूचना का अधिकार बना मजाक,अपील होने के बाद भी नहीं देते जानकारी कही भष्ट्राचार उजागर ना हो जाये?

देशराज दास बसना: सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई)) इसलिए लागू किया कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता रहे। लोग सूचनाएं प्राप्त कर सकें ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे और अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो। लेकिन नगर पंचायत बसना के अधिकारियों ने इसका भी मखौल बनाकर रख दिया है।

आपको बतादे नगर पंचायत बसना के अधिकारियों ने कसम खा रखी है कि चाहे कुछ भी हो जाए आरटीआई के तहत कोई सूचना देनी ही नहीं। आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति को तीस दिन की अवधि में वांछित सूचना देना जरूरी है या उसे इस अवधि तक सूचित करना पड़ता है। इसके बाद वह अपील कर सकता है। मगर ज्यादातर लोग जानकारी के अभाव में आगे अपील नहीं कर पाते हैं। इसी का फायदा उठाकर नगर पंचायत के अधिकारी उन्हें चक्कर कटवाते रहते हैं। लेकिन मजेदार बात हैं की प्रथम अपील होने के एक महीने बाद भी अधिकारी सुचना का अधिकार का जवाब नहीं दे रहे है.

आवेदक राज्य व केंद्र सूचना आयोग तक पहुंचे
आवेदकों की तरफ से मांगी गई सूचना को समय पर नहीं देने या आनाकानी करने को लेकर आवेदक ने अपनी अपील राज्य व केंद्र के सूचना आयोग तक करेंगे। आवेदक ने बसना नगर में किये गए कार्यो का और अन्य सूचनाएं मांगी थी। लेकिन बसना नगर पंचायत के अधिकारी किसी भी तरह की सूचना देने के लिए राजी नहीं है। कही भष्ट्राचार उजागर ना हो जाये?

Back to top button