बसना : गुरू घासीदास बाबा जी के प्रथम पुत्र गुरू अमरदास बाबा जी के जयन्ती के पावन अवसर पर बनडबरी (शंकरपुर तु)मे गुरू पूर्णिमा को हर्सोल्लास के साथ मनाया गया

बसना । गुरू घासीदास बाबा जी के प्रथम पुत्र गुरू अमरदास बाबा जी के जयन्ती के पावन अवसर पर बनडबरी (शंकरपुर तु)मे गुरू पूर्णिमा को हर्सोल्लास के साथ मनाया गया ।बसना विधायक एवं वन विकास निगम के अध्यक्ष राजा देवेन्द्र बहादुर सिह जी की मुख्य आतिथ्य एवं विधायक प्रतिनिधि मंजीतसिह सलूजा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि तौकीर दानी,तनवीर सईद, विजय साहू,रवि कश्यप, भोलसिह सिदार,सम्पत प्रधान,गोपेश्वर नौरोजी,दौलत रात्रे, अभय धृतलहरे, रिषीकेशन दास, मनहरण सोनवानी, देशराज दास, वीरेन्द्र सागर,सुशील दीवान, किर्तन भोई, रविशंकर पटेल के आतिथ्य मे संतजन लाभो दास,घसियादास,संत रमानुदास ,संत बेणुधर, संत टंकधर,संत रोहित दास,संत रितुदास,सरपंच व पंचगण अर्जुन मिरी,हेम कुमार,बोधन बघेल, रेशम लाल, वृन्दावन, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लेकरूनंद, धनुर्जय बंजारे, भीमजाटवर, कान्ग्रेस रत्नाकर, नीलाम्बर रत्नाकर, सियाराम, , रोहित दास, साधुराम,रतिलाल,उत्तर लाल,खोलबाहरा निराला,नमीस मिरी,बुदलाल बारीक,ललित धृतलहरे , महेन्द्र कोसरिया , गुन प्रसाद, दयाराम,निर्मल मिरी,ताम्रध्वज, राजकुमार, शोभाराम, मिनकेतन एवं सैकड़ो माता बहनों एवं श्रद्धांलु भक्त व ग्रामीण जन की उपस्थिति में राजा साहब व अतिथियों के आगमन पर पुष्प वर्षा कर जय सतनाम के जयघोष के साथ जय स्तंभ तक अभिवादन कर लाया गया ।पालों चढावा,आरती मंगल पश्चात सभा में सभी अतिथियों का पुष्प माला श्रीफल से सम्मान किया गया ।
मुख्य आतिथ्य की आसंदी से श्री सिंह ने कहा कि ममतामयी मिनी माता जी के समय से गुरू परिवार से हमारा अच्छा संबंध है।गुरू के मार्ग में चलकर ही मानव का कल्याण संभव है।गुरू ही हमे संस्कृति एवं सभ्यता को पल्लवित करने प्रेरित करते हैं ।समय समय पर गुरूओं ने त्याग व बलिदान देकर धर्म की रक्षा की है।आईये हम सब मिलकर धर्म और समाज की रक्षा हेतु कृत संकल्पित होकर गुरूओ के मार्ग में चलकर गुरूओं का सम्मान करें और सत्य आधारित जीवन जीकर समाज को व्यसन मुक्त बनायें।
अध्यक्षीय उदबोधन में सलूजा जी ने बच्चों को आवश्यक रूप से शिक्षा प्रदान करने विषय पर प्रकाश डालते हुए सतनाम की महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान किये।ग्रामीण जनों ने मांग पर श्री सिह जी ने गणेशपुर मार्ग से ढोडकछार मार्ग तक पक्की सडक बनवाने,क्षेत्र के आराध्य स्थल ,,वन तृप्ति धाम ,,मे बोर खनन व सामुदायिक भवन बनवाने की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिये। सभा पश्चात पंथी नृत्य गान एवं भजन सत्संग कार्यक्रम प्रारम्भ होकर रात भर अविरल चलता रहा,,प्रातःप्रसाद वितरण के साथ गुरू अमरदास बाबा जी की जयन्ती एवं गुरू पूर्णिमा महोत्सव का समापन हुआ ।कार्यक्रम का संचालन अभय धृतलहरे ने किया ।