पिथौरा: गोबर लेके बैठे है गो पालक , नही की जा रही है नियमित खरीदी,नोटिस जारी होने के बाद भी सचिव पंचायत से नदारद
गोबर खरीदी के लिए नही है पंचायत में तौल मशीन गौठान समिति के अध्यक्ष ने आधे किसानो की खरीदी गोबर , आधे को किया वापस

पिथौरा: शासन की महत्वपूर्ण गोधन न्याय योजना के तहत की जाने वाली गोबर खरीदी का क्रियान्वयन पिथौरा जनपद के कई ग्राम पंचायतों में बंद है। इसका प्रमुख कारण पंचायत सचिवो ने रुचि नही लेना बताया जा रहा है। जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायतो में एक सा हाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से राज्य शासन ने गोधन योजना शुरू की है उसके तहत गोबर की खरीदी की जाए। अधिकांश गांवों में गोबर खरीदी बंद हो गई है। ऐसे में किसान और गोपालक पहले की तरह ही यहां वहां पर खाद बनाने कूड़े के ढेर में गोबर डाल रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग कंडे बनाने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि योजना का क्रियान्वयन व्यवस्थित ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि इसका लाभ जरूरतमंद तक पहुंच सके।
पिथौरा जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायतों में गोबर की खरीदी बंद होने से गोपालकों और ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में वे गोबर को यहां वहां फेंक रहे हैं या फिर खेतों में डंप करने लगे हैं। कुछ ग्रामीण पूर्व की तरह कंडे बनाने में लगे हैं।
पिथौरा जनपद के ग्राम पंचायत किशनपुर सहित अधिकांश ग्राम पंचायतों में गोबर खरीदी बंद पड़ी हुई है। खरीदी बंद होने की वजह से वर्मी कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया रुक गई है। ग्राम पंचायत किशनपुर के ग्रामीणो ने गोबर खरीदी कि जाने हेतू शासन से गोहार लगाई थी पिथौरा जनपद सीईओ ने सचिव को तत्काल गोबर खरीदी करने हेतू निर्देशित किया गया था साथ ही गोबर खरीदी बंद होने से सचिव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था ।
फिर भी उक्त सचिव के द्वारा कोताही बरती जा रही है ।ग्राम पंचायत किशनपुर के गौठान समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकूर के द्वारा आज कूछ लोगो का गोबर खरीदी किया गया और कूछ किसानो का गोबर नही खरीदा गया ।
गोबर नही खरीदी किये जाने का कारण पूछे जाने पर ग्रामीणो ने बताया की पंचायत में तौल मशीन नही है । एक ग्रामीण के तौल मशीन से कूल पांच किसानो से 802 कि.ग्रा. गोबर खरीदी किया गया और तीन किसानो से गोबर खरीदी नही किया गया । जिससे किसान मायुस होकर अपने अपने घर लौट गये।