महासमुंद

मुख्यालय में नही रुकता ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर का सचिव, शौचालय निर्माण में भी भारी भ्रष्टाचार का अंदेशा

अनुराग नायक महासमुन्द/बसना । प्रत्येक ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यालय भवन में अधिकतर सचिवों की नियमित उपस्थिति नहीं रहने से ग्रामीणों को अपेक्षाकृत लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों की मलभूत समस्याओं एवं पंचायत से जुड़े कार्यों के संचालन हेतु प्रशासनिक तौर पर सचिव की पदस्थापना पंचायत में रहती है।

लेकिन ज्यादातर सचिव कार्यालय में नियमित उपस्थित न रहकर ब्लाक मुख्यालय बसना या अपने घर में घूमते नजर आते हैं। इसके कारण अनेक योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो पाता। वहीं किसी कार्य से पंचायत कार्यालय पहुंचने वाले ग्रामीण भी सचिव के नहीं रहने से मायूस होकर वापस लौट जाते हैं।

ताजा मामला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर का है । जंहा ग्रामीणों एंव पंचायत के पदाधिकारियों के द्वारा नाली निर्माण हेतु प्रस्ताव किया गया था। परन्तु सचिव के लापरवाही के कारण आज तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया ।

ग्रामीणों ने बताया कि यह सचिव पूर्व कार्यकाल से पदस्त है जो मुख्यालय में नही रहता है। व पूर्व में हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुये शौचालय निर्माण में भारी भ्रष्टाचार किया है। एक शिकायतकर्ता ने बताया कि यह सचिव कुछ फर्जी कामो के लिए कुछ लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया है। जो जांच का विषय है। ज्ञात हो कि यह सचिव जंहा भी हुआ है वहाँ इसकी शिकायत या अन्य विवाद हुआ है।ऐसे में इस सचिव की नियुक्ति से लेकर अब तक कि गई कार्यो की जांच में आवश्यकता है।

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