सराईपाली : युवा कवि ललित दास निर्मोही की नई रचना में गूंजेगी शिशुपाल पर्वत की महिमा, कविताओं के जरिए लगातार उठा रहे हैं सराईपाली के मुद्दे

देशराज दास सराईपाली: सराईपाली अंचल के उभरते युवा कवि ललित दास निर्मोही एक बार फिर अपनी नई रचना के साथ चर्चा में हैं। अपनी कविताओं के माध्यम से सराईपाली की माटी की आवाज बुलंद करने वाले ललित दास इस बार सराईपाली के ऐतिहासिक और प्राकृतिक गौरव ‘शिशुपाल पर्वत’ को लेकर एक नई कविता लेकर आए हैं।
इस कविता में उन्होंने शिशुपाल पर्वत की सुंदरता, उसके ऐतिहासिक महत्व और अंचल की जनभावनाओं को बेहद खूबसूरती से पिरोया है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब ललित दास निर्मोही ने अपनी लेखनी से क्षेत्र की बात रखी हो। इससे पहले भी वे अपनी जनसरोकार से जुड़ी कविताओं के लिए क्षेत्र में खासे लोकप्रिय रहे हैं। उनके द्वारा रचित ‘सराईपाली को जिला बनाओ’, ‘बेलमुंडी में हीरा’ और ‘सराईपाली में रेलमार्ग’ जैसी कविताओं ने न सिर्फ स्थानीय लोगों का दिल जीता, बल्कि सराईपाली के जायज मुद्दों और हक की आवाज को बखूबी पहुंचाया है।
अपनी विशिष्ट शब्दशैली और ओजस्वी आवाज के धनी ललित दास निर्मोही का मानना है कि कविता सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज और अपने क्षेत्र की आवाज को जगाने का एक सशक्त माध्यम है। उनकी इस नई रचना को लेकर सराईपाली के साहित्य प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह है, और लोग सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब सराहना कर रहे हैं।